अयोध्या में क्यों हारी बीजेपी कितना हुआ उसका रामभक्तों पर असर ?
अयोध्या सीट पर भाजपा की हार का विश्लेषण

अयोध्या में क्यों हारी बीजेपी? कितना हुआ उसका रामभक्तों पर असर ?
अयोध्या। अयोध्या की फैजाबाद लोकसभा सीट पर बीजेपी की हार के बाद से लगातार देश में अयोध्या के लोगों की ट्रोलिंग हो रही है और अयोध्या के लोगों को गद्दार तक बताया जा रहा है. ये भी कहा जा रहा है कि अयोध्या में बीजेपी इसलिए चुनाव हार गई क्योंकि अयोध्या में राम मन्दिर और उससे जुड़े निर्माण कार्यों के लिए हज़ारों मकानों, दुकानों और कुछ मन्दिरों को तोड़ गया था और इसके बदले में किसी को कोई मुआवज़ा नहीं मिला. लेकिन हकीकत में ये दावे गलत हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है.
फैजाबाद लोकसभा सीट पर बीजेपी की हार के बाद से लगातार देश में अयोध्या के लोगों की ट्रोलिंग हो रही है और अयोध्या के लोगों को गद्दार तक बताया जा रहा है. कुछ लोग सोशल मीडिया पर ये दावा भी कर रहे हैं कि 4 जून के नतीजों के बाद से अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर सूना पड़ा है और बीजेपी की हार के कारण अब श्रद्धालु राम मन्दिर में दर्शन करने के लिए नहीं आ रहे.
ये भी कहा जा रहा है कि अयोध्या में बीजेपी इसलिए चुनाव हार गई क्योंकि अयोध्या में राम मन्दिर और उससे जुड़े निर्माण कार्यों के लिए हज़ारों मकानों, दुकानों और कुछ मन्दिरों को तोड़ गया था और इसके बदले में किसी को कोई मुआवज़ा नहीं मिला. और इन सारी बातों पर आपने शायद विश्वास भी कर लिया होगा और आपको भी यही लग रहा होगा कि अयोध्या में बीजेपी इसीलिए हारी. लेकिन हकीकत में ये सारे दावे गलत हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है.
सच्चाई ये है कि बीजेपी अयोध्या में नहीं, बल्कि फैजाबाद में चुनाव हारी है. फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें पहली सीट है, अयोध्या, दूसरी है रुदौली, तीसरी है मिल्कीपुर, चौथी है बीकापुर और पांचवीं है दरियाबाद. इन पांच सीटों में सिर्फ अयोध्या की एक सीट ऐसी है, जहां बीजेपी ने समाजवादी पार्टी को चुनाव हराया है और बाकी की चार सीटों पर समाजवादी पार्टी की जीत हुई है.
इससे ये पता चलता है कि जिस अयोध्या नगरी में भगवान श्री राम का मन्दिर बना, उस अयोध्या के लोगों ने तो बीजेपी को चुनाव जिता दिया और वहां बीजेपी को समाजवादी पार्टी से साढ़े चार हज़ार से ज्यादा वोट मिले. लेकिन जो बाकी के चार विधानसभा क्षेत्र थे, वहां बीजेपी को समाजवादी पार्टी से कम वोट मिले, जिसके कारण बीजेपी इस बार फैजाबाद की सीट लगभग 50 हज़ारों वोटों से हार गई।






