बकुलाही नदी की प्राचीन पुनरोद्धारित धारा का संयोजक समाज शेखर ने किया भ्रमण
सरकार द्वारा प्रस्तावित डायवर्जन डैम न बनने से लाखों लोगों के जीवन में बन रहा है जलसंकट

सरकार द्वारा प्रस्तावित डायवर्जन डैम न बनने से लाखों लोगों के जीवन में बन रहा है जलसंकट
प्रतापगढ़, बकुलाही नदी पुनरोद्धार अभियान के संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता समाज शेखर ने बकुलाही नदी की प्राचीन जल धारा का स्थलीय भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान प्राचीन धारा पूरी तरह सूखी पडी मिली, आसपास की धरती विरान सी नजर आ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि भयहरणनाथ धाम के सामने 2013 से सरकार द्वारा प्रस्तावित डायवर्जन डैम न बनने से लाखों लोगों के जीवन में घोर जलसंकट बना हुआ। सभी ने सरकार व जिला प्रशासन से डायवर्जन डैम जल्द बनाने की मांग करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पूरे मनोयोग से इस जीवनदाई कार्य में अपनी भूमिका निभाने की अपेक्षा की है।

बताते चलें कि हैंसी, शिवरा, बाबूपुर व सरायदेवराय ग्राम में बकुलाही नदी के किनारे किनारे समाज शेखर ने नदी क्षेत्र का भ्रमण कर स्थलीय जायजा लिया। हैन्सी में कटरा गुलाब सिंह से प्रतापगढ मुख्य मार्ग पर स्थित बकुलाही नदी पर बनी पुलिया के ठीक सामने पूर्व की ओर नदी में काफी गहरी खुदाई दिखाई पडी, ग्रामीणों से पता करने पर स्पष्ट हुआ कि 3 दिन पहले से बडी जेसीबी द्वारा निजी खुदाई हुई है। इस अवैध खनन से जनसामान्य में काफी खतरा उत्पन्न हो गया है। उक्त स्थल की बीडियो और फोटो के साथ कार्य की जांच कराके आवश्यक कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को वाटसअप पर सूचना दी गई है।
संयोजक समाज शेखर ने जमुहा ग्राम प्रधान को सुझाव दिया कि बाबूपुर पुल के उत्तर में 200 मीटर गाडी घाट तक नदी में सफाई आवश्यक है। जिस पर प्रधान ज्ञान प्रकाश सिंह ने जल्द प्रभावी कदम उठाने का संकल्प व्यक्त किया। नगर पंचायत अध्यक्ष मुन्ना यादव से अनुरोध किया कि वार्ड पूरे तोरई में गौरा के सामने गेल की गैस पाइप लाईन के नीचे साइफन की पाइप में सफाई की नितांन्त आवश्यकता है साथ ही आसपास अपेक्षित सफाई से ही प्राचीन जल धारा प्रवाहमान हो सकेगी। जिससे लाखों लोगों व जीव जन्तुओं को इस बरसात पानी मिल सकेगा।





