सपहा ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान ने झूठा आरोप लगाकर की कार्रवाई की मांग
ग्राम पंचायत में हो रहे घोटाले और विकास कार्यों के प्रति आवाज उठाने पर लगाया जाति सूचक गालियों का आरोप

सपहा ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान ने झूठा आरोप लगाकर की कार्रवाई की मांग
– ग्राम पंचायत में हो रहे घोटाले और विकास कार्यों के प्रति आवाज उठाने पर लगाया जाति सूचक गालियों का आरोप

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, पूरनपुर (पीलीभीत) आजकल ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों द्वारा कोई विकास कार्य न करके सिर्फ अपनी जेबें भरने एवं अपनी सम्पत्ति बनाने का कार्य किया जा रहा है। कुछ इसी तरह का कारनामा पूरनपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत सपहा के ग्राम प्रधान द्वारा किया जा रहा है। इस ग्राम पंचायत में आज तक न तो विकास कार्य कराया गया है और न ही गरीबों को आवासों का आवंटन किया गया है। और तो और ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा भी गया था। जिसकी शिकायत किए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा अवैध कब्जे को छुड़वाया गया। ग्राम पंचायत की एक सड़क जो नीरज पुत्र रामसिंह के घर के पास से तिराहा तक जाती है, उस पर आज लगभग एक साल से नाली पर पड़ा पत्थर टूटा हुआ है। जिसमें बाइक सवारों व पैदल लोगों के गिरकर घायल हो जाने का डर बना हुआ है। इसके अलावा इस मोड़ से कार ले जाना तो नामुमकिन ही है। गांव के विकास के लिए यदि गांव का कोई नागरिक आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ ग्राम द्वारा पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की जाती है। सबसे बड़ा हथियार ग्राम प्रधान के पास हरिजन एक्ट का है। जब भी कोई विकास कार्य एवं ग्राम पंचायत में किए जा रहे घोटाले के प्रति आवाज उठाता है तो उस पर सीधे-सीधे जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया जाता है। इस तरह से झूठा आरोप लगाने से किसी पर हरिजन एक्ट नहीं लग जाता। उसके लिए जांच होती है उसके बाद कोई कार्रवाई होती है। अधिकारी भी सब कुछ समझते हैं कि कौन जूठ है और कौन सच। ऐसे वह भी किसी को बेगुनाह फंसाने का काम नहीं करते। नौकरी जरूर करते हैं, किन्तु उन्हें भी परमात्मा को हिसाब देना होता है।





