डिग्री के नाम पर करोड़ो का फर्जीवाड़ा ठगे छात्रों ने संग्रामगढ़ थाने मे दिया तहरीर
जहाँ चलाई जानी थी क्लासेज वहाँ खुल गया गेस्ट हाउस, दर्जनों छात्रों का भविष्य लगा दांव पर

डिग्री के नाम पर करोड़ो का फर्जीवाड़ा ठगे छात्रों ने संग्रामगढ़ थाने मे दिया तहरीर
जहाँ चलाई जानी थी क्लासेज वहाँ खुल गया गेस्ट हाउस, दर्जनों छात्रों का भविष्य लगा दांव पर
प्रतापगढ़, सुनहरे भविष्य का ख्वाब दिखाकर दर्जनों छात्रों से करोड़ो की ठगी करने का मामला प्रकाश मे आया है। प्रयागराज जनपद के शांतिपुरम मे गेटवे कालेज ऑफ फॉर्मेसी के संचालक ने फर्जी विश्वविद्यालय के जरिये सैकड़ो छात्रों का एडमिशन करवाया। जिससे जितना बन सका उतनी धन वसूली किया और जब छात्र उस स्थान पर जहाँ पढ़ाई होनी थी पंहुचे तो ठगा महसूस हो उठे क्यों जहाँ पढ़ाई करने की बात संचालक ने किया था वहाँ अब रिसोर्ट खुल गया है। ठगे गये छात्रों ने संग्रामगढ़ थाने मे आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर देकर न्याय की मांग किया है।

क्या है पूरा मामला
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मीरापुर का रहने वाला आशीष यादव उर्फ़ गांधी सर प्रयागराज जनपद के शांतिपुरम मे गेटवे कालेज ऑफ फॉर्मेसी नाम की संस्था चलाता है। डी और बी फोर्मा कराने के नाम पर उसने सैकड़ो छात्रों का एडमिशन किया उनसे अलग अलग खातों मे डेढ़ लाख से ढाई लाख तक की रकम वसूला और उनका एडमिशन कर लिया। राजस्थान के झुंझनू स्थित जिस विश्विद्यालय से प्रवेश करवाया वो यूजीसी से सम्बद्ध ही नही है, यही नही छात्रों को उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल से जारी जो ग्रीन कार्ड दिया था वो भी फर्जी है। पूरे मामले की जानकारी होने पर छात्रों के होश उड़ गये और जब छात्र क्लास। चलाये जाने वाले स्थान मीरापुर पहुचे तो उनकी आशंका प्रमाणित हो गयी क्यों की स्कूल के स्थान पर मनगढ़ रेसार्ट नामक गेस्ट हाउस मिला।

मीरापुर का रहने वाला आशीष यादव ने जिस तरह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए करोड़ो की ठगी किया है। उससे उसके गांव के आसपास रहने वाले लोग भी भौचक है। अब दर्जनों छात्रों ने अपने साथ हुए खेल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसकी लिखित तहरीर संग्रामगढ़ थाने पर दिया है। अब देखना ये है की इस शिक्षा माफिया पर पुलिस कैसे लगाम कसती है और अभी जैसे जैसे जांच आगे बढ़ेगी उसके कारनामो की फेहरिस्त भी लम्बी हो सकती है।





