आखिर कैसे बन गया पलिया नगर में मीट बिक्री का लाईसेंस
- नगर पालिका से नहीं दिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र, संदिग्ध प्रतीत हुई नगर चौकी इंचार्ज की भूमिका, कोतवाली पुलिस में मची खलबली, नगर चौकी प्रभारी उदयवीर यादव को किया गया लाइन हाजिर

आखिर कैसे बन गया पलिया नगर में मीट बिक्री का लाईसेंस
– नगर पालिका से नहीं दिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र, संदिग्ध प्रतीत हुई नगर चौकी इंचार्ज की भूमिका
– कोतवाली पुलिस में मची खलबली, नगर चौकी प्रभारी उदयवीर यादव को किया गया लाइन हाजिर


निर्जेश मिश्र ‘‘सम्पादक’’
पलियाकलां-खीरी। नगर में काले जानवर (भैंस) का मांस बेंचने के लिए लाईसेंस जारी हो गया, जबकि पालिका प्रशासन की ओर से एनओसी जारी नहीं किया गया। इसके बाद भी साठगांठ करके लाईसेंस जारी करा लिया गया। दुकान का शुभारम्भ होने से पहले ही पुलिस ने एक्शन लिया और लाईसेंस धारक के पुत्र को हिरासत में लेकर पूछतांछ शुरू कर दी। पूरे मामले में संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर नगर चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
गुरूवार को नगर के मोहल्ला इकरामनगर में एक मीट की दुकान का शुभारम्भ होने की तैयारियां की जा रही थीं। उसी समय प्रभारी निरीक्षक मनबोध तिवारी को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक एवं फूड इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लाईसेंस धारक के पुत्र शाहरूख को हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछतांछ शुरू कर दी है, जबकि लाइसेंस धारक पलिया नगर पालिका की सभासद रूखसाना भी मौके पर मौजूद थीं। इसके बाद भी पुलिस ने लाइसेंस धारक को हिरसत में न लेकर उसके पुत्र को हिरासत में लिया है। जब लाइसेंस किसी और के नाम है और पुलिस ने हिरासत में किसी अन्य को लिया है तो पूछतांछ और सही जांच कैसे हो सकती है ? जानकारी लेने पर एसएसआई रामजीत यादव ने बताया कि लाइसेंस धारक रूखसाना से भी पूछतांछ की गई है। वाकी आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मौके से मांस की बरामदगी नहीं हुई, जिस कारण अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। जांचोपरान्त नियमानुसार सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा। कुल मिलाकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मीट का लाइसेंस जारी होने में बड़ा खेल खेला गया है, क्योंकि एक ओर पालिका प्रशासन का कहना है कि भैंस के मीट बिक्र हेतु पालिका प्रशासन की ओर से कोई एनओसी जारी नहीं किया गया है और पुलिस भी यह बताने को तैयार नहीं है कि इससे सम्बन्धित कोई एनओसी जारी किया गया है। हालांकि पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई से यह प्रतीत होता है कि इस प्रकरण में नगर चौकी प्रभारी उदयवीर यादव की भूमिका संदिग्ध है। जिस कारण उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार-
पूरे मामले की जांच कराने के लिए टीम गठित की गई है। जांच पूरे होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनबोध तिवारी ‘‘प्रभारी निरीक्षक’’
कोतवाली पलिया
पालिका प्रशासन द्वारा मुर्गा और बकरे का मीट बेंचने के लिए अनपत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। काले जानवर का मांस बेंचने के लिए पालिका प्रशासन से कोई एनओसी जारी नहीं किया गया है।
नितिन गंगवार ‘‘तत्कालीन ईओ’’
नगर पालिका परिषद, पलियाकलां
जब तक पुलिस और पालिका प्रशासन द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं होता है, तब तक हमारे यहां से लाइसेंस जारी नहीं किया जाता है। रुखसाना द्वारा मीट बिक्री हेतु लाइसेंस के लिए किए गये आवेदन के साथ पालिका प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) संलग्न था। जिसके आधार पर लाइसेंस जारी किया गया है।
बृजेन्द्र शर्मा
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (द्वितीय), लखीमपुर





