खतरे के बीच जीवनयापन कर रहे सपहा गांव के ग्रामीण
विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों की समस्याओं का नहीं करा पा रहे समाधान

खतरे के बीच जीवनयापन कर रहे सपहा गांव के ग्रामीण
– विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों की समस्याओं का नहीं करा पा रहे समाधान

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
जनप्रतिनिधियों के रहमोकरम पर सपहा गांव के ग्रामीण आज भी खतरे के बीच अपना जीवन जी रहे हैं। इस गांव में आज भी ग्यारह हजार केबीए की विद्युत लाइन निकली हुई है, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। लेकिन आज तक किसी अधिकारी या फिर जनप्रतिनिधि ने इस गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। दोस्तों हम बात कर रहे हैं पीलीभीत जिले की पूरनपुर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सपहा की। आज के समय में हर गांव और शहर में केबिल लाइन के माध्यम से जनता को विद्युतापूर्ति कराई जा रही है। परन्तु इस ग्राम पंचायत में आज भी बीच गांव से ग्यारह हजार केबीए की विद्युत लाइन निकली हुई है। लगभग 15 वर्ष पूर्व इस गांव का विद्युतीकरण कराया गया था। तब से लेकर आज तक की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हो सका। बीच गांव से निकली ग्यारह हजार केबीए की विद्युत लाइन लोगों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। यह जो दृश्य आप देख रहे हैं, कोई कम भयावह नहीं है। इसी तरह से गांव में कोई न कोई घटना होती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक ने इस समस्या का समाधान कराने का ग्रामीणों से वादा किया था। परन्तु आज तक वह अपने वादे पर खरे नहीं उतर सके। बता दें कि जनप्रतिनिधियों को जब वोट की आवश्यकता होती है, तब वह अपने पक्ष में वोट कराने के लिए साम, दाम, दण्ड, भेद का सहारा लेकर जनता से बड़े-बड़े वादे करते हैं। जो चुनाव जीतने के बाद सिर्फ और सिर्फ खोखले ही साबित होते हैं। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक किसी बड़े हादसे का इन्तजार कर रहे हैं। यह निश्चित है कि बीच गांव से निकली ग्यारह हजार केबीए की विद्युत लाइन को यदि समय रहते नहीं हटाया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है और इसका अनुमान इस भयावह दृश्य को देखकर बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है।





