पलिया भीरा रोड पर मादक पदार्थ के धंधेबाजो का लगता है जमावड़ा, मुखबिर की सूचना पर होती कार्रवाई


पलिया भीरा रोड पर मादक पदार्थ के धंधेबाजो का लगता है जमावड़ा, मुखबिर की सूचना पर होती कार्रवाई
पलियाकलां-खीरी। युवाओं की जिंदगियों से खिलवाड़ करने वाले मादक पदार्थ के धंधेबाजो को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है वही पलिया भीरा रोड़ पर बनें अड्डों पर भी यह धंधेबाजो का गैंग काफी सक्रिय रहता है दूर दराज से आने वाले तथा पलिया के कई नौजवान को भी इस धंधेबाजो में सेंवन करते हुए कार्रवाई में पुलिस ने पकड़ा जा चुका है लेकिन मादक पदार्थ के धंधेबाजो का गैंग इतना पहुंच रखता है कि कार्रवाई करने वाली टीम कभी कभी पीछे हट जाती है।
कई बार प्रमुखता से प्रकाशित पत्रिका में भी इस का जिक्र हो चुका है। अगर बात करें पुलिस महकमे की तो मुखबिरों द्वारा कार्रवाई कर अपने नंबर बढ़ा लिए जातें हैं। लेकिन उन आकाओं के गिरेबान तक नहीं पहुंच पाते जो बड़ी खेप नेपाल तथा अन्य राज्यों से लाकर पलिया और तमाम जगहों पर भेजने का काम करते हैं।
सूत्रों- जानकारों का कहना है कि कुछ साल पहले कस्टम विभाग को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी एक कार में गौरीफंटा से पलिया मादक पदार्थ लाई जा रही है। तभी कस्टम पलिया रास्ते में खड़े होकर रोका मगर कार चालक भाग निकला पीछा करते हुए पलिया मालगोदाम तक पहुंचागए लेकिन सक्रिय गलियों का सहारा लेकर कस्टम की आंखों में धूल झोंकने में कामयाबी न हो सकें जैसे ही कस्टम विभाग ने जिस घर में मादक पदार्थ के धंधेबाज छुपे हुए थे उन्होंने प्लान के तहत कस्टम विभाग पर ही हमला करवा दिया। कुछ दिनों तक चर्चाएं होने के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसी तरह से मादक पदार्थों के धंधेबाजो का हौंसला बढ़ता ही चला गया। वही शुक्रवार को देर रात्रि गस्त कर रही टीम को मुखबिर द्वारा सूचना पर 6ग्राम 20 मिली ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की पूछताछ में अपना नाम शमशाद पुत्र युसूफ उम्र करीब 45 वर्ष निवासी नेहरोसा जनपत पीलीभीत बताया। इससे पूर्व भी इस वक्ति का बड़ा अपराधिक इतिहास है, पशु क्रूरता गौ-वध जैसे आधा दर्जन मुकदमे पहले से ही पंजीकृत हैं। इस कार्यवाही में पलिया चौकी प्रभारी संचित यादव, का० संदीप चौधरी, मन्दीप जौनी कुमार, परिक्षित सैनी, कृष्ण मुरारी आदि सिपाही मौजूद रहे।





