सबकी झोली भरने वाले की खाली रही झोली
लगभग तीन वर्षों से अधर में लटका गोकर्ण कारीडोर का मामला, केवल सीमांकन तक ही सिमटकर रह गई योजना

सबकी झोली भरने वाले की खाली रही झोली
– लगभग तीन वर्षों से अधर में लटका गोकर्ण कारीडोर का मामला, केवल सीमांकन तक ही सिमटकर रह गई योजना

(पंकज शुक्ला)
गोलागोकर्णनाथ-खीरी। छोटी काशी का शिव मंदिर विश्व विख्यात है। तीन साल पूर्व छोटी काशी का कारीडोर बनने की योजना पास हुई थी। इसके लिये स्वर्गीय विधायक अरविन्द गिरि के अथक प्रयासो के चलते छोटी काशी में सीमांकन कर जगह को अधिग्रहीत करने का काम भी लगभग चालू हो गया था, लेकिन उनका अचानक स्वर्गवास होने से यह कार्य अधर में लटक कर रह गया।
अब गोलावासियों को लगने लगा कि कारीडोर का मामला ठंडे बस्ते मे चला जायेगा। विधायक की मौत के बाद रिक्त हुए स्थान पर उपचुनाव हुआ, जिसमें जनता ने उनके पुत्र अमन गिरि को विधायक चुन लिया। चुनाव के दौरान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छोटी काशी का जिक्र करते हुए अतिशीघ्र मन्दिर का कारीडोर निर्माण की बात कही थी। लगभग दो वर्ष होने को हैं, लेकिन गोला में केवल सीमांकन के अलावा और कोई काम नहीं हो सका। केन्द्र व प्रदेश सरकार का बजट भी पेश हो चुका है। परन्तु छोटी काशी के नाम एक भी पाई इन दोनों बजटों में नहीं मिल सकी। क्षेत्रवासी अब यह कहने को मजबूर हो रहे हैं कि गोला के भोलेनाथ जो सबकी मनोकामनाएं पूरी करके अपने भक्तों की झोली भरते है। पर दुख इस बात का है कि आज उनकी ही झोली खाली रह गई। मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की बातें भी गोला क्षेत्रवासियो कों अब चुनावी लॉलीपाप जैसी प्रतीत होने लगी हैं।






