तीन वर्ष भी पूरे नहीं कर पाई प्रधानमंत्री योजना के तहत बनाई गई सड़क
सड़क पर बने बडे़-बडे़ गड्डों पर पैचिंग कर रोड गुणवत्ता की छिपाई जा रही है असलियत

तीन वर्ष भी पूरे नहीं कर पाई प्रधानमंत्री योजना के तहत बनाई गई सड़क
– सड़क पर बने बडे़-बडे़ गड्डों पर पैचिंग कर रोड गुणवत्ता की छिपाई जा रही है असलियत

(पंकज शुक्ला)
गोलागोकर्णनाथ-खीरी। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कोटबारा, कपरहा, जडौरा वाया गोला मार्ग जो कि लगभग नौ किलोमीटर का लम्बा है। प्रधानमंत्री सडक योजना के तहत इसका निर्माण कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था। क्षेत्रवासी बताते हैं कि यह सडक बनने के तुरन्त बाद उखड़ने लगी थी। सड़क बडे-बडे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जिस कारण राहगीरां को निकलने में काफी कठिनाई हो रही है। समाचार पत्रों मे खबर प्रकाशित होने के बाद सावन मेला के दौरान गड्ढे भरवा दिये गये थे। लोगों का मानना है कि इस सडक से चार से पांच दर्जन गावों के ग्रामीणों आवागमन होता है। खनन में लगे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों व मिट्टी के डम्फरों से सड़क जल्दी क्षतिग्रस्त हो गई।
किसान नेता अमनदीप सिंह संधू ने बताया कि इस मार्ग से हमारे किसान भाई गन्ने की ट्रालियां व डनलप लेकर मिल को आते हैं। खराब रास्ते पर कई बार घटनाएं भी होते-होते बचीं। गाडियों के टायर पंचर हो जाते हैं और जानवरो के पैरां में भी चोट आ जाती है। इस बारे मे अतिशीघ्र उपजिलाअधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जायेगा।
ग्राम प्रधान संध्या मिश्र ने बताया कि हमारे गांव जडौरा से गोला जाने का यही एकमात्र रास्ता है। जो बनने के कुछ ही समय में टूट गया। इस पर पैचिंग कार्य भी कराया गया था। गोला जाने में इस रोड से लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पडता है।
बांसगाव ग्राम प्रधान सोमनाथ मिश्र ने बताया कि मिट्टी खनन की ट्रालियां बेखौफ होकर तेज रफ्तार से इस मार्ग पर निकलने से सडक क्षतिग्रस्त हो जाती है। कई बार अधिकारियों को भी इसके बारे में कराया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
ग्राम प्रधान कोटबारा शुशील वर्मा ने बताया कि इस पर हर समय मिट्टी का खनन होता रहता है। कई बार सिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।










