परिचय देने को कहा तो भड़क गई आशा कार्यकत्री
महिला के साथ की अभद्रता, पीड़िता ने प ुलिस को प्रार्थना पत्र देकर की कार्रवाई की मांग

परिचय देने को कहा तो भड़क गई आशा कार्यकत्री
– महिला के साथ की अभद्रता, पीड़िता ने प ुलिस को प्रार्थना पत्र देकर की कार्रवाई की मांग

पलियाकलां-खीरी। एक ओर जहां सरकार द्वारा जनता को संदेश देकर जागरूक किया जाता है कि किसी भी अंजान व्यक्ति को अपने निजी दस्तावेज न दिखाएं और न ही उन्हें अपने घर के अन्दर जाने दें। आश्वस्त होने के लिए उसका परिचय अवश्य जान लें। परिचय के दौरान यदि वह किसी विभाग का हवाला देता है तो सम्बन्धित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से उसके बारे में जानकारी कर लें। उसके बाद ही उसे घर में प्रवेश दें या अपने निजी दस्तावेज दिखाएं। वहीं दूसरी ओर जब कोई ऐसा करता है तो सम्बन्धित कर्मचारी भड़क जाता है और परिचय पूछने वाले से अभद्रता करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की धमकी देता है। ऐसा ही एक मामला नगर के मोहल्ला अजीतनगर का प्रकाश में आया है। नगर की पटिहन रोड पर स्थित मोहल्ला अजीतनगर निवासी पत्रकार संजय कुमार के घर बुधवार को एक अंजान महिला पहुंची, जिसके साथ एक पुरूष और एक लड़की थी। उस समय संजय कुमार अपने घर पर नहीं थे, उनकी पत्नी ईशा गुप्ता मौजूद थीं। ईशा गुप्ता ने बताया कि उस महिला ने हमारा और हमारे परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड मांगे। आधार कार्ड देने का कारण जानना चाहा तो महिला ने बताया कि आयुष्मान सर्वे चल रहा और मैं आशा कार्यकत्री हूं। इस पर ईशा गुप्ता ने अपने पति संजय को फोन करके बुलाया और आधार कार्ड देने को कहा। हालांकि महिला अंजान थी, इससे पहले कभी उसे नहीं देखा था। एक जागरूक पत्रकार होने के नाते संजय कुमार ने कहा कि मैं आशा को जानता हूं, तुम फिलहाल आशा नहीं हो, न ही आप ड्रेसकोड में हो। जब उससे आईडी कार्ड दिखाने को कहा तो वह भड़क गई और संजय का मोबाइल तोड़ दिया। इतना ही नहीं महिला ने कानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दे डाली। वैसे किसी का परिचय जानना कोई अपराध तो है नहीं। जब भी कोई पत्रकार समाचार कवरेज के लिए कहीं जाता है तो जब तक वह अपना परिचय नहीं देता, तब तक उसे प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती। फिर इस महिला को अपना परिचय देने में आखिर क्या परेशानी थी। संजय कुमार ने बताया कि जब उन्होंने सीएचसी अधीक्षक को फोन करके पूरी जानकारी दी तो सीएचसी अधीक्षक का कहना था कि तुम महिलाओं के बीच क्या करने पहुंचे। मतलब सीएचसी अधीक्षक के जवाब से यह साबित होता है कि किसी के घर यदि कोई महिला पहुंचे तो उस घर के सारे पुरूष घर को छोड़कर बाहर भाग जाएं। फिलहाल ईशा गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है।






