पत्रकार पर अमानवीय पोस्ट करने के मामले में अभी तक पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
- बीते 17 दिसम्बर को पलिया कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर पत्राकरों ने की थी कार्रवाई करने की मांग

पत्रकार पर अमानवीय पोस्ट करने के मामले में अभी तक पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
– बीते 17 दिसम्बर को पलिया कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर पत्राकरों ने की थी कार्रवाई करने की मांग

पलियाकलां-खीरी। नगर निवासी एक सम्मानित पत्रकार पर अमानवीय पोस्ट करने के मामले में तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। जिसको लेकर पत्रकारों में काफी रोष व्याप्त है। पीड़ित पत्रकार ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि बीते माह 17 दिसम्बर को व्हाट्सऐप पर संचालित ‘‘सारथी जनसेवा ग्रुप’’ पर नगर के पत्रकार निर्जेश मिश्रा के लिए एक अमानवीय पोस्ट की गई थी। दरअसल पत्रकार ने एक समाचार प्रकाशित किया था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि गौरीफंटा पुलिस ने एक गाड़ी को पकड़कर दाखिल किया है। सूत्रों से जानकारी के अनुसार दाखिल की गयी गाड़ी के मामले में किसी अनमोल नामक व्यक्ति का नाम प्रकाश में आया था। समाचार प्रकाशित होते ही निर्जेश मिश्रा के पास 16 दिसम्बर को 9120040753 से व्हाट्सऐप कॉल किया गया था। कॉलर ने बताया था कि मैं अनमोल बोल रहा हूं और खबर में अनमोल नाम क्यों लिखा गया है, जबकि खबर में जो नाम लिखा गया था उसमें न तो अनमोल के पिता का नाम था और न ही कोई पता। इसके बाद भी नाम पर आपत्ति जताई गयी थी। इतना ही नहीं कॉलर ने मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी थी। उसके दूसरे दिन व्हाट्ऐप के माध्यम से एक नेपाली नम्बर 00977-9822662969 से “सारथी जनसेवा ग्रुप“ पर पत्रकार निर्जेश मिश्रा पर एक अमानवीय पोस्ट करके उनकी छवि धूमिल करने एवं उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का कृत्य किया गया था। इस पोस्ट से पलिया नगर के समस्त मीडियाकर्मी काफी आक्रोशित हुए। सभी पत्रकारों ने कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए कोतवाली पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक विवेक उपाध्याय को एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। आक्रोशित सभी कलमकारों ने मांग की थी कि जिस व्हाट्सऐप ग्रुप पर पोस्ट की गयी है, उस ग्रुप के एडमिन गुप्ता रूपेश बाबा से पूछतांछ करके सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि प्रभारी निरीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन तो दे दिया था। परन्तु आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। बता दें कि इससे पूर्व में कई मामले ऐसे प्रकाश में आए जिनमें व्हाट्सऐप या फिर सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्मों पर आपत्तिजनक पोस्ट या फिर किसी अधिकारी अथवा नेता पर कोई अभद्र टिप्पणी की गई तो पलक झपकते ही बिना कोई हीलाहवाली किए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। परन्तु एक पत्रकार पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में कार्रवाई करना तो दूर पुलिस ने ग्रुप एडमिन से पूछतांछ करने की भी आवश्यकता नहीं समझी। इस सम्बन्ध में जब प्रभारी निरीक्षक विवेक उपध्याय से दोबारा बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई करने के लिए कोई धारा नहीं मिल रही है। फिलहाल आप निश्चिन्त रहें, कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर पत्रकारों में खासा आक्रोश है। हालांकि अपर पुलिस अधीक्षक नेपाल सिंह ने जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उधर पीड़ित पत्रकार ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है।





