गौरीफंटा में धड़ल्ले से फर्राटा भर रहीं टैक्सी बाइकों पर नहीं है पुलिस का शिकंजा
बनगवां मण्डी और गौरीफंटा तक मात्र चार किमी की दूरी तक सवारियां ले जाने के लिए नेपाली नागरिकों से की जाती है 50 से 100 रूपये तक की वसूली

गौरीफंटा में धड़ल्ले से फर्राटा भर रहीं टैक्सी बाइकों पर नहीं है पुलिस का शिकंजा
बनगवां मण्डी और गौरीफंटा तक मात्र चार किमी की दूरी तक सवारियां ले जाने के लिए नेपाली नागरिकों से की जाती है 50 से 100 रूपये तक की वसूली

(निर्जेश मिश्र ‘‘सम्पादक’’)
लखीमपुर-खीरी। यूं तो हर जिला और हर शहर में पुलिस चेकिंग अभियान चलाकर हेलमेट का प्रयोग करने, समस्त कागज मेनटेन रखने और तीन सवारी न बिठाने का पाठ पढ़ाती है। नियमों का पालन न करने की स्थिति में बाइकों का चालान भी किया जाता है, परन्तु खीरी जिला में एक ऐसी जगह का हम आपको नाम बताने वाले है, जहां उपरोक्त में से किसी भी नियम का पालन करना आवश्यक नहीं है।
मित्रों वो जगह है बनगवां मण्डी और गौरीफंटा बार्डर के बीच की। यहां पर लोग अपनी बाइकों को टैक्सी के रूप में प्रयोग करते हैं। इन टैक्सी बाइकों से बनगवां मण्डी से गौरीफंटा बार्डर तक सवारियां ढोने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। यह दूरी लगभग तीन से चार किमी तक के आसपास की है। मण्डी से बार्डर तक पहुंचाने के लिए नेपाली नागरिकों से पचास से सौ रुपये प्रति सवारी वसूल किया जाता है। मजेदार बात तो यह है कि प्रतिदिन लगभग पचास की संख्या में दौड़ रही इन टैक्सी बाइकों पर गौरीफंटा पुलिस की नजर नहीं पड़ती। पर जब वाहन चेकिंग के दौरान कोई साधारण बाइक सवार के पास किसी प्रकार की कोई कमी मिल जाती है तो उसका चालान जरूर कर दिया जाता है। ऐसे में आप आसानी से समझ सकते हैं कि बनगवां मण्डी और गौरीफंटा के बीच चल रही इन टैक्सी बाइकों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है।





