लखीमपुर खीरी : खकरोला में भारत-नेपाल समन्वय बैठक संपन्न, सीमा सुरक्षा और तस्करी रोकने पर बनी सहमति
अपराध और तस्करी पर लगाम, मानव तस्करी, वन्य जीव तस्करी, नकली नोटों के प्रसार और उर्वरकों (खाद) की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए संयुक्त निगरानी बढ़ाने पर सहमति बनी।


पलिया कलां (खीरी) खकरोला, कैलाली (नेपाल) भारत और नेपाल के सीमावर्ती सुरक्षा बलों के बीच आपसी समन्वय और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार, 23 मार्च 2026 को बॉर्डर सिक्योरिटी कंपनी मुख्यालय, खकरोला में मासिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की और भविष्य में साझा रणनीति के तहत काम करने पर प्रतिबद्धता जताई।

बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों ने किया, जिनमें शामिल थे, रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी, कमांडेंट (39वीं वाहिनी, पलिया) विजयेन्द्र कुमार, उप-कमांडेंट (प्रचालन, 39वीं वाहिनी) अजय बहादुर सिंह, उप-कमांडेंट (03वीं वाहिनी, लखीमपुर खीरी) निखिल राज, सहायक कमांडेंट और उप-निरीक्षक आलोक कुमार। वहीं, नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल (APF) की ओर से 35वीं वाहिनी कंचनपुर के एसपी प्रेम प्रकाश शिगदेल, 34वीं वाहिनी कैलाली के एसपी खुम बहादुर के.सी. सहित विभिन्न समवाय प्रभारी (DSP) और निरीक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए निम्नलिखित विषयों पर मंथन किया। सीमा स्तंभ और अतिक्रमण सीमा स्तंभों (Pillars) का नियमित सर्वेक्षण, रख-रखाव और नो-मैन्स लैंड पर अवैध अतिक्रमण को सख्ती से रोकने पर चर्चा हुई।

अपराध और तस्करी पर लगाम, मानव तस्करी, वन्य जीव तस्करी, नकली नोटों के प्रसार और उर्वरकों (खाद) की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए संयुक्त निगरानी बढ़ाने पर सहमति बनी।
घुसपैठ पर नजर तीसरे देशों के नागरिकों द्वारा अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिशों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सूचना साझा करने पर जोर दिया गया।
सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों पर भी चर्चा हुई। बैठक में तय किया गया कि
नो-मैन्स लैंड पर दोनों देश मिलकर संयुक्त चिकित्सा शिविर आयोजित करेंगे। नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्रों में साझा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
यह बैठक पूरी तरह सौहार्दपूर्ण रही। हमारा उद्देश्य न केवल अपराध रोकना है, बल्कि आपसी विश्वास और सूचनाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से सीमा पर शांति बनाए रखना है।





