रात के 11:00 बजते ही पुलिस की मौजूदगी में पास होते हैं मालवाहक वाहन
पलिया-भीरा मार्ग पुलिस के लिए बना पैसा कमाने का जरिया

रात के 11:00 बजते ही पुलिस की मौजूदगी में पास होते हैं मालवाहक वाहन
पलिया-भीरा मार्ग पुलिस के लिए बना पैसा कमाने का जरिया

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, पलिया-भीरा मार्ग पर बनी पुलिया केवल दिन में कमजोर रहती है और रात को इस पुलिया की भार सहने की क्षमता बढ़ जाती है, जिस कारण मालवाहक वाहनों का आवागमन रात के ग्यारह बजते ही शुरू हो जाता है। मित्रों बीते माह जुलाई की आठ तारीख से पलिया-भीरा नेशनल हाइवे 731 पर बाढ़ का पानी चलने और ग्राम अररिया के पास बनी पुलिया ढह जाने से प्रशासन द्वारा इस मार्ग का आवागमन बन्द कर दिया गया था। बीच-बीच में छोटे वाहनों एवं बाइकों का संचालन होता रहा। 15 अगस्त से बसों का संचालन शुरू किया गया था, संचालन शुरू होने की जानकारी होते ही प्रशासन ने रोक दिया था। प्रशासन द्वारा दिए गये आश्वासन के अनुसार 16 अगस्त से बसों का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन बनबसा वैराज से पानी फिर से छोड़े जाने के कारण 20 अगस्त को बसों का संचालन पुनः बन्द कर दिया गया था। पुलिया कमजोर होने के कारण आठ जुलाई से आज तक मालवाहक वाहनों का आवागमन शुरू नहीं किया गया। लेकिन रात के ग्यारह बजते ही मालवाहक वाहनों का आवागमन शुरू हो जाता है, वह भी पुलिस की मौजूदगी में। लोगों का कहना था कि रात को पुलिस की मिलीभगत से मालवाहक वाहनों को पास कराया जाता है। लोगों की सच्चाई और पुलिस के कारनामे जानने के लिए रात को मौके का सत्यापन किया गया तो सारी सच्चाई सामने आ गयी। मौके पर देखा गया कि पुलिस मौजूद है और मालवाहक वाहन बेखौफ होकर पास हो रहे हैं। बीच-बीच में डायल 112 के भी चक्कर लगते रहे। इसके अलावा नगर के कमल चौराहा पर भी पुलिस तैनात रही। इसके बाद भी वाहन निकलते रहे। मौके का नजारा देखने से तो यही लगता है मालवाहक वाहनों का आवागमन केवल पैसा कमाने के लिए बन्द किया गया है। यदि ऐसा नहीं है तो मालवाहक वाहनों को आखिर रात में ही क्यों पास कराया जाता है, दिन में क्यों नहीं। अब देखना है कि सम्बंधित अधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेकर क्या कार्रवाई करते हैं।





