वन विभाग की मिलीभगत से कट रही जंगल की लकड़ी व घास
बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर-ट्राली से रात के अंधेरे में जंगल से लाई जा रही घास एवं लकड़ी

वन विभाग की मिलीभगत से कट रही जंगल की लकड़ी व घास
– बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर-ट्राली से रात के अंधेरे में जंगल से लाई जा रही घास एवं लकड़ी

पीलीभीत। टाइगर रिजर्व क्षेत्र के दियोरिया रेंज से लगातार जंगली घास व लकड़ी लाने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच करने के नाम पर टालमटोल कर मामले को दबा दिया जाता रहा है। वन विभाग के कर्मचारी लकड़ी एवं घास लाने वालों से अपनी जेबें गरम करके खुली छूट दे रहे हैं। घुंघचाई बीट से हर रोज महिला एवं पुरूष जंगली लकड़ी लाते नजर आ जाते हैं। इस काम में घुंघचाई बीट में तैनात वन कर्मियों की भी मिलीभगत बताई जा रही है। पूर्व में कई बार जंगली घास से भरे ट्रैक्टर-ट्राली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसको लेकर डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। महज़ चार दिन बाद ही फिर से जंगली घास का कटान शुरू हो गया। जिन ट्रैक्टर-ट्रालियों से जंगली घास ले जाई जाती है वह ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के रहते हैं। जबकि एआरटीओ द्वारा पहले से ही दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि बिना नंबर प्लेट का कोई भी वाहन सड़क पर नहीं चलेगा लेकिन घास माफिया एआरटीओ के निर्देशो को ताख पर रखकर अपनी मनमानी करते नजर आ रहे हैं।






