सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बने डॉ. खान का परिवार
होली खेलने के बाद जुमे की नमाज पढ़ी, सभी त्योहारों में एक-दूसरे के घर जाते हैं


सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बने डॉ. खान का परिवार,होली खेलने के बाद जुमे की नमाज पढ़ी, सभी त्योहारों में एक-दूसरे के घर जाते हैं
संपूर्णानगर के डॉ. आई.ए. खान का परिवार सांप्रदायिक एकता की मिसाल बन गया है। डॉ. खान के बेटे फवाज खान ने अपने हिंदू दोस्तों अर्नव मिश्रा, गर्वित माहेश्वरी और ईसाई दोस्त नील डेविड के साथ होली खेली। इसके बाद जुमे की नमाज भी अदा की।
डॉ. खान का परिवार हर धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है। वे समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। डॉ. खान का मानना है कि सभी धर्म प्रेम और सद्भाव की शिक्षा देते हैं। उनका कहना है कि अगर लोग अपने धर्म का सही तरीके से पालन करें, तो कभी दंगे-फसाद नहीं होंगे।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र फवाज अहमद अली खान ने बताया कि वे अपने हिंदू, सिख और ईसाई दोस्तों के घर होली, दिवाली, गुरुपर्व और क्रिसमस मनाने जाते हैं। उनके सभी दोस्त ईद पर उनके घर आते हैं। सभी मिलकर त्योहारों की खुशियां मनाते हैं।





