वन स्टॉप सेंटर में मनाया गया दहेज प्रतिषेध दिवस
- दहेज लेना और देना दोनों को खत्म करने की है आवश्यकता: पालिकाध्यक्ष

वन स्टॉप सेंटर में मनाया गया दहेज प्रतिषेध दिवस
– दहेज लेना और देना दोनों को खत्म करने की है आवश्यकता: पालिकाध्यक्ष
इस अवसर पर डॉ ईरा श्रीवास्तव ने उपस्थित महिलाओं व बेटियो को संबोधित करते हुए कहा कि दहेज एक कुप्रथा है। हमें इससे ऊपर उठकर दहेज लेना एवं देना दोनों को खत्म करने की आवश्यकता है। केंद्र, प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षा, स्वावलंबन व शिक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिसका परिणाम है कि आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में पुरुषों से आगे हैं। महिला थाना प्रभारी निरीक्षक शकुंतला उपाध्याय ने कहा कि हमें लिंग भेद नहीं करना चाहिए। बेटियों को भी अच्छी शिक्षा देकर उनको सशक्त व स्वावलंबी बनाएं, जिससे वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों सकें। काउंसलर कयूम जरवानी ने कहा कि दहेज लेना तथा देना दोनों कानूनी अपराध हैं। आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी बेटियों एवं बेटों की शादी बिना दहेज के करेंगे। इसमें बेटियों को भी आगे आना चाहिए, जिससे दहेज प्रथा को खत्म किया जा सके। महिला कल्याण अधिकारी आर्य मित्रा बिष्ट और संरक्षण अधिकारी अनुज चतुर्वेदी ने कहा कि दहेज की कुप्रथा को खत्म करने की नितान्त आवश्यकता है। बच्चियों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर उनको सशक्त व स्वावलंबी बनाएं। वन स्टाफ केंद्र की प्रशासिका रश्मि चतुर्वेदी ने कहा कि दहेज के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करें। यदि लोगों द्वारा ऐसा किया जाएगा, तो दहेज कुप्रथा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। बैठक में जिला समन्वयक निक्की गुप्ता, महिला कल्याण विभाग के कार्मिक सुंदर लाल, स्वाति राना, संजीत, नैमिष व वरुण शुक्ला सहित तमाम महिलाएं मौजूद रहीं।






