भारत-नेपाल बार्डर पर थमने का नाम नहीं ले रही तस्करी
- तस्करी पर अंकुश लगाने में बौना साबित हो रहीं बार्डर पर तैनात सुरक्षा ऐजेंसियां

भारत-नेपाल बार्डर पर थमने का नाम नहीं ले रही तस्करी
– तस्करी पर अंकुश लगाने में बौना साबित हो रहीं बार्डर पर तैनात सुरक्षा ऐजेंसियां

(सुमित गुप्ता)
गौरीफंटा-खीरी। इण्डो-नेपाल बार्डर पर हो रही तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। लम्बे समय से हो रहे इस अवैध कार्यों पर आज तक अंकुश नहीं लग सका। सीमा पर तैनात सुरक्षा ऐजेंसियों की लापरवाही के कारण आए दिन अवैध गतिविधियों में इजाफा हो रहा है।
बता दें कि भारत नेपाल सीमा पर तस्करी को रोकने के लिए तमाम सुरक्षा ऐजेंसियां नजरे गड़ाए हुए हैं। इसके बाद भी तस्कर सुरक्षा ऐजेंसियों को चकमा देकर अपने काम को बड़ी आसानी से अंजाम दे देते हैं। इधर सुरक्षा ऐजेंसियां बार्डर पर तैनात रहती हैं, उधर जंगल के विभिन्न रास्तों से अपराधी चकमा देकर अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं। इससे तो यही स्पष्ट होता है कि जंगल के रास्तों से होने वाली अवैध गतिविधियों में वन विभाग की संलिप्तता रहती है। इस तरह के अवैध एवं अपराधिक कार्यो को रोकने के लिए शासन-प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यदि समय रहते इस अपराधिक कार्य पर अंकुश नहीं लगा तो आने वाले समय में स्थिति काफी खराब हो सकती है। इस तरह के अवैध कार्यों को बन्द करने के लिए सर्व प्रथम गौरीफंटा में संचालित हो रहे नेपाली सिमों की जांच कराकर भारत में उनका संचालन बन्द कराना चाहिए। बार्डर पर हो रही तस्करी व अवैध गतिविधियों को रोकने में सुरक्षा ऐजेंसियां पूरी तरह से बौना साबित हो रही हैं।





