पैसा लेकर वाहनों को पास करा रही पुलिस, ट्रक यूनियन में आक्रोश
अवैध वसूली करने और प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई न हुई तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे यूनियन के पदाधिकारी

पैसा लेकर वाहनों को पास करा रही पुलिस, ट्रक यूनियन में आक्रोश
अवैध वसूली करने और प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई न हुई तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे यूनियन के पदाधिकारी

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, पलिया-भीरा मार्ग से रात के अंधेरे में पुलिस द्वारा पैसा लेकर मालवाहक वाहनों को पास कराने से पलिया ट्रक यूनियन के पदाधिकारी खासे आक्रोशित हैं। बीती रात्रि ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों ने चेकिंग की। चेकिंग के दौरान पाया कि दो पुलिसकर्मी ग्राम अतरिया के पास पुलिया के निकट खड़े हुए हैं और पैसा लेकर बाहरी मालवाहक वाहनों को पास कराने में लगे हुए हैं। ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने कुछ साक्ष्य भी लिए। ट्रक यूनियन अध्यक्ष सुनील कुमार छतवाल, महामंत्री कमल चड्ढा, उप महामंत्री अमरजीत सिंह सोढ़ी, उपाध्यक्ष कुलविंदर सिंह काले
कोषाध्यक्ष हरप्रीत सिंह नरवाल सहित यूनियन के तमाम सदस्यों ने मौके पर पहुंच कर पुलिस की हकीकत जानी। एक तरफ प्रशासन का कहना है कि पुलिया कमजोर है जब तक इसका निर्माण नहीं हो जाता, तब तक मालवाहक वाहनों का आवागमन नहीं हो सकता। वहीं दूसरी तरफ पुलिस पैसा लेकर जब रात के अंधेरे में बाहरी वाहनों को पास करा रही है, क्या तब पुलिया पर असर नहीं पड़ता। पलिया ट्रक यूनियन के सारे-सारे वाहन आज लगभग दो माह से पूर्ववत खड़े हैं। जिस कारण व्यापार चौपट हो रहा है। इस पर न तो प्रशासन कोई ध्यान दे रहा है और न ही जनप्रतिनिधि। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि रात में जब वाहनों को पास होते देखा गया तो उन लोगों ने पलिया कोतवाल को फोन पर सूचना दी, उस समय वह सो रहे थे। हालंकि उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा, लेकिन नतीजा कोई हासिल नहीं हुआ। चोरी छिपे वाहनों का आवागमन निरन्तर जारी रहा। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बता दें कि जब कोई आम आदमी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है और वही काम यदि सरकारी कर्मचारी करें तो कोई कार्रवाई नहीं और न ही पुलिस के पास कोई धारा होती है। फिलहाल सक्षम अधिकारियों को यह मामला गम्भीरता से लेना चाहिए और अवैध वसूली करके प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए वाहनों को पास कराने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि प्रशासन के आदेशों का नियमपूर्वक पालन हो सके।





