वन रक्षक से साठगांठ कर लकड़कट्टों ने काटा विशालकाय पीपल का पेड़
ढेर सारी आक्सीजन देने एवं हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक कहे जाने वाले पीपल वृक्ष के काटने से हिन्दू संगठनों में रोष

वन रक्षक से साठगांठ कर लकड़कट्टों ने काटा विशालकाय पीपल का पेड़
– ढेर सारी आक्सीजन देने एवं हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक कहे जाने वाले पीपल वृक्ष के काटने से हिन्दू संगठनों में रोष

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, पीलीभीत (उ.प्र.)। पीपल का पेड़ काटने से हिन्दू संगठनों ने रोष जताते हुए ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
मामला उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत का है। जिले के विलसण्डा थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर अमृत में गांव के पास ही एक खेत में ढेर सारी आक्सीजन देने और हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक कहा जाने वाला एक विशालकाय पीपल का पेड़ खड़ा था। इस विशालकाय वृक्ष को बिलासपुर के लकड़ी माफियाओं ने वन विभाग के एक वनरक्षक से सांठगांठ करके बिना परमिट के ही रातों-रात काट डाला। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचते ही लकड़ी माफिया मौके से भाग निकले। जानकारी लेने पर वन विभाग ने इस मामले में अनभिज्ञता जताते हुए जांच किए जाने की बात कही है। पेड़ काटने की जानकारी होते ही राष्ट्रीय योगी सेना के जिलाध्यक्ष सुमित शर्मा व जिला संयोजक विभांशु शुक्ला ने भारी रोष व्यक्त करते हुए बिलसण्डा वन क्षेत्रधिकारी से मिलकर ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। परन्तु पांच दिन बीत जाने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि त्यौहारों के अवसर पर इस विशालकाय पीपल वृक्ष की पूजा भी की जाती थी। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की गयी है। अब देखना है कि पेड़ काटने वाले लकड़कट्टों व वन रक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई होती भी है या नहीं।





