चुनावी रंजिश के कारण ग्राम प्रधान ने नहीं कराया नाली का निर्माण
शाहजहाँपुर जिले की ब्लॉक बण्डा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भितिया श्याम का मामला

चुनावी रंजिश के कारण ग्राम प्रधान ने नहीं कराया नाली का निर्माण
शाहजहाँपुर जिले की ब्लॉक बण्डा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भितिया श्याम का मामला

(रजनी शर्मा “उप सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज। चुनावी रंजिश के चलते विकास कार्य में ग्रामीणों के साथ भेदभाव कर रहे प्रधानपति से गांव की जनता काफी त्रस्त हो चुकी है। कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत किए जाने के बाद भी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। मित्रों यह मामला जिला शाहजहाँपुर की ब्लाक बण्डा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भितिया श्याम का है। इस गांव में ग्राम प्रधान द्वारा आज तक कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। बताया जा रहा है कि प्रधानपति की राजनीतिक पकड़ होने के कारण सम्बंधित अधिकारी भी ग्राम पंचायत में हो भ्रष्टाचार में ग्राम प्रधान का साथ दे रहे हैं और जनहित के लिए कोई भी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। गांव निवासी हरिप्रसाद पुत्र भूधरलाल का कहना है कि पिछले संपूर्ण तहसील समाधान दिवस में नाली से सम्बंधित जो शिकायत उन्होंने की थी, उसमें एक साल पुराना फैसला लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। नाली का निर्माण आज तक नहीं कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम प्रधानपति ने उसे द्वारा डरा-धमकाकर फैसलानामा पर हस्ताक्षर करा लिए थे। जिस फैसलानामा में न तो प्रधान मे हस्ताक्षर हैं और न ही प्रधानपति के। पीड़ित का कहना है कि चुनावी रंजिश के कारण प्रधानपति आए दिन उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहते हैं। जिससे वह काफी परेशान है। पीड़ित का कहना है कि उसे प्रधानपति से खतरा है। प्रधानपति किसी भी समय उसके साथ अनहोनी घटना करवा सकते हैं। मित्रों हमारे भारत की यह बिडम्बना देखिए कि ऐसा व्यक्ति जो पहले जनता के सामने गिड़गिड़ाकर वोटों की भीख मांगता है और जब जनता उसे वोट देकर अपने गांव का प्रधान चुनती है। बाद में वही प्रधानरूपी भिखारी जनता को आंखें दिखाता है और ग्राम पंचायत का विकास करने की जगह विनाश करने पर उतारू हो जाता है। क्या यही कर्तव्य होता है जनता के सेवक का ? यदि नहीं तो आखिर क्यों नहीं होती है ऐसे भ्रष्ट, लालची और गद्दारों के खिलाफ कोई कार्रवाई। क्यों किया जाता है भोलीभाली जनता का शोषण।








