शिक्षण स्टाफ की प्रताड़ना से परेशान स्कूल के हॉस्टल से फरार हुए तीन बच्चे
- शिक्षण स्टाफ द्वारा बच्चों से कराया जाता है स्कूल की साफ-सफाई का कार्य, कुछ दिन पूर्व स्कूल के वार्डेन द्वारा बच्चों के साथ की गई थी मारपीट

शिक्षण स्टाफ की प्रताड़ना से परेशान स्कूल के हॉस्टल से फरार हुए तीन बच्चे
– शिक्षण स्टाफ द्वारा बच्चों से कराया जाता है स्कूल की साफ-सफाई का कार्य, कुछ दिन पूर्व स्कूल के वार्डेन द्वारा बच्चों के साथ की गई थी मारपीट

(रिपोर्ट : रश्मि ताण्डी)
बूटीगुडा (ओड़िशा)। जिले के थाना मलकानगिरी क्षेत्र में स्थित ऊंच प्राथमिक स्कूल के हास्टल से तीन बच्चों के शिक्षण स्टाफ से परेशान होकर फरार होने की खबर सामने आई है। फरार हुए बच्चे स्कूल से लगभग तीस किलोमीटर की दूरी पर मिले हैं। अब यहां पर सवाल यह उठता है कि शिक्षण स्टाफ के होते हुऐ भी बच्चे स्कूल से कैसे फरार हो सकते हैं। इस घटना ने शिक्षकों की बड़ी लापरवाही का खुलासा कर दिया है। सबसे बड़ा सबाल तो यह उठता है कि स्कूल के शिक्षण स्टाफ की मौजूदगी के बाद भी आखिर बच्चों ने क्यों और कैसे स्कूल से निकलने का फैसला ले लिया। जिस समय बच्चे स्कूल से बाहर निकले उस समय स्कूल के शिक्षक व कर्मचारी कहां थे और उन्हें बच्चों के निकलने की खबर क्यों नहीं लगी। कुछ सूत्रों से जानकारी मिली है कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों से स्कूल की साफ-सफाई जैसे विभिन्न कार्य कराए जाते थे। अभी हाल ही में कुछ बच्चों के साथ स्कूल के वार्डेन द्वारा मारपीट भी की गई थी। बच्चों से स्कूल की साफ-सफाई से लेकर रंगाई पुताई का कार्य भी कराया जाता है। बता दें कि एक ओर जहां प्रदेश के सीएम नवीन पटनायक द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए विभिन्न प्रकार के सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग द्वारा सरकार के इन प्रयासों पर पानी फेरने का कार्य किया जा रहा है। पूर्व में भी इस स्कूल के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य तरूण से इस सम्बन्ध में जानकारी ली गई तो वह कोई भी सटीक उत्तर नहीं दे सके। शासन-प्रशासन को इस पर संज्ञान लेकर पूरे मामले की जांच कराकर स्कूल के दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।





