पीलीभीत जिला के अटकोना गांव में घुसा बाघ, दहशत
12 घंटे तक जारी रही बाघ की चहलकदमी, कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने रेस्क्यू करने में पाई सफलता

पीलीभीत जिला के अटकोना गांव में घुसा बाघ, दहशत
– 12 घंटे तक जारी रही बाघ की चहलकदमी, कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने रेस्क्यू करने में पाई सफलता

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
पीलीभीत। जिला के एक गांव में पूरे 12 घंटे तक टाइगर की दहशत व्याप्त रही। जिले के टाइगर रिजर्व के जंगल से भटककर एक बाघ कलीनगर तहसील के गांव अटकोना में पहुंच गया। इस बाघ ने पूरे 12 घंटे तक दहशत कायम रखी। इस टाइगर ने गुरुद्वारे के पास सुखविंदर सिंह की एक दीवार पर अपना डेरा जमा लिया। रात को शौच के लिए उठे सुखविन्दर सिंह के लड़के की नजर अचानक दीवार पर चहलकदमी कर रहे टाइगर पर पड़ गयी। शोर-शराबा सुनकर उसे देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गयी। रात्रि में ही इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गयी। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल वन्यजीव विशेषज्ञ डॉक्टर दक्ष गंगवार के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 12 घंटे बाद वन विभाग के विशेषज्ञों ने चार बार की कड़ी मशक्कत के बाद बाघ को ट्रेंकुलाइज करने में सफलता हासिल की। बाघ को बेहोश करने के बाद पिंजरे में कैद कर दिया गया। पकड़ने के बाद उसे माला रेस्ट हाउस में रखा गया है।






