अनाथ एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही स्पॉन्सरशिप योजना
- योजना से मिलेगी अधिकतम 18 वर्ष आयु तक के पात्र बच्चों को 4,000 रूपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता

अनाथ एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही स्पॉन्सरशिप योजना
– योजना से मिलेगी अधिकतम 18 वर्ष आयु तक के पात्र बच्चों को 4,000 रूपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता

लखीमपुर-खीरी। सरकार अनाथ या आर्थिक रूप से कमजोर एकल अभिभावक वाले बच्चों को भी अब सामान्य बच्चों जैसा भविष्य संवारने का उचित अवसर प्रदान करने जा रही है। इसके लिए “स्पॉन्सरशिप योजना“ की शुरूआत की जा रही है। इसमें बच्चों के पालन-पोषण और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए प्रति माह चार हजार रुपये दिए जाएंगे। जनपद में इस योजना के तहत डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने 95 लाभार्थियों को स्वीकृति प्रदान की है।
जानकारी देते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि “स्पॉन्सरशिप योजना“ जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले परिवारों के बच्चों की उचित देखभाल एवं अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अनूठी पहल है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत एक से 18 वर्ष तक के बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसका लाभ उन बच्चों को मिलेगा जिनके पिता की मृत्यु हो गई है या फिर मां तलाकशुदा हो और वह परिवार द्वारा परित्यक्त हो। साथ ही माता-पिता या उनमें से कोई गंभीर एवं जानलेवा रोग से ग्रसित हैं। जो कानून से संघर्षरत, बाल तस्करी, बाल-विवाह, बाल वेश्यावृत्ति, बालश्रम व बाल भिक्षावृत्ति में शामिल होते हैं। किसी प्राकृतिक आपदा में देखभाल करने के लिए असमर्थ हैं। सहायता व पुनर्वास की आवश्यकता वाले, फुटपाथ पर जीवन यापन करने वाले, प्रताड़ित, उत्पीड़ित या शोषित बच्चों को इसका लाभ दिया जाएगा। पैसा अनाथ बच्चे के खाते में भेजा जाएगा। इसमें वैध अभिभावक ही पैसे निकाल सकेंगे। जिन बच्चों के माता-पिता में से कोई एक जीवित है या फिर बच्चों का संरक्षक पैसा निकाल सकता है। योजना का लाभ उन लाभार्थियों को भी मिलेगा जिनके अभिभावक की ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 72 हजार व शहरी क्षेत्रों में 96 हजार रुपये सालाना आय हो।
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आवेदन की प्रक्रिया :-
ऑफलाइन आवेदन भरकर ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय एवं शहरी क्षेत्र में संबंधित उपजिलाधिकारी कार्यालय में जमा किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए कलेक्ट्रेट स्थित जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चों को चार-चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे 18 वर्ष तक उनका बेहतर ढंग से लालन-पालन हो सकेगा। आवदेन के लिए आधार कार्ड, आय प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र एवं शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाण पत्र लगाना जरूरी होगा।






