महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में दहेज प्रथा समस्या निवारण पर हुई गोष्ठी
दहेज रूपी सामाजिक कुरीति का समूल नष्ट करने का लिया गया संकल्प

महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में दहेज प्रथा समस्या निवारण पर हुई गोष्ठी
– दहेज रूपी सामाजिक कुरीति का समूल नष्ट करने का लिया गया संकल्प
लखीमपुर-खीरी। महिला कल्याण द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुपालन में डीपीओ संजय कुमार निगम के निर्देशन में सोमवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय लखीमपुर देहात में दहेज प्रथा समस्या निवारण विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में शामिल आंगनबाड़ी सुपरवाइजर व पंचायत प्रतिनिधि ने प्रतिभाग किया और दहेज प्रथा पर अपने-अपने विचार रखे। दहेज रूपी सामाजिक कुरीति का समूल नष्ट करने का संकल्प लिया गया।
महिला कल्याण अधिकारी आर्यमित्रा बिष्ट ने कहा कि दहेज प्रथा संपूर्ण मानवता के लिए घातक है। यह बुराई ही देश में घटते लिंगानुपात का मुख्य कारण है। बेटी को इतना पढ़ाओ कि दहेज देना ही न पड़े और बेटे को इतना पढ़ाओ कि दहेज लेना न पड़े। उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे हेल्पलाइन नम्बर 1090 वूमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्प लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, 1098 चाइल्ड लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन, 102 स्वास्थ्य सेवा, 108 एम्बुलेंस सेवा एवं वन स्टॉप सेन्टर के बारे में महिलाओं को जागरूक किया। संरक्षण अधिकारी अनुज चतुर्वेदी ने कहा कि दहेज लेना और देना दोनों कानून अपराध है। ऐसे अपराध न करने के लिए बालिकाओं को अपने-अपने परिजनों को प्रोत्साहित करना चाहिए। इस मसले पर संवेदनशीलता के साथ दहेज को दूर भगाने के प्रति गंभीर चिंतन करना होगा। जिला समन्वयक निक्की गुप्ता ने कहा कि दहेज रूपी सामाजिक कुरीति का समूल नष्ट करने की जिम्मेदारी लेनी होगी और आगे आकर सच्चे नागरिक का फ़र्ज़ अदा करना होगा। उन्होंने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), 181 महिला हेल्प लाइन, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर से रीमा वर्मा, बाल विकास पुष्टाहार की सुपरवाइजर नागमणि व आंगनवाड़ी केंद्र की पूनम प्रजापति सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।






