पुलिस ने किया अन्तर्राज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश
जेवरात व नकदी के साथ एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार

पुलिस ने किया अन्तर्राज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश
– जेवरात व नकदी के साथ एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार

लखीमपुर-खीरी। शहर में की जा रही ताबड़तोड़ चोरियों का अनावरण करते हुए पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त के पास से रुपये दो लाख अठ्ठासी हजार रुपये, जेवरात, चोरी की घटनाओं मे प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार व दो आला नकब की बरामदगी हुई है।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक पर्यवेक्षण में चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत बुधवार को सदर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच ने संयुक्त चेकिंग के दौरान रवही नहर पुल से अभियुक्त आलम उर्फ कल्लू पुत्र अबूसहमा निवासी ग्राम भदेवा, थाना थानगांव, जनपद सीतापुर को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त का स्थायी पता मोहल्ला आजादनगर, कस्बा व थाना तम्बौर जनपद सीतापुर है। अभियुक्त के पास से चोरी की अलग-अलग दर्ज चोरी की घटनाओं से सम्बन्धित दो लाख अठ्ठासी हजार रुपये, जेवरात, चोरी की घटनाओं मे प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार व दो आला नकब की बरामदगी हुई है। पुलिस द्वारा की गई पूछतांछ के अनुसार यह गैंग विभिन्न शहरो में चार पहिया वाहन व मोटर साईकिलों से घूमकर रात्रि में ताला बंद घरांे को चिन्हित कर उनमें नकब लगाकर केवल जेबरात व नकदी चोरी करते थे, इस गैंग का मुख्य सरगना कासिम है। अभियुक्त आलम उर्फ कल्लू हिट्रीशीटर है। इस गैंग में इमरान पुत्र मो. इसराइल उर्फ मुन्ना निवासी मोहल्ला अजीजनगर थाना मडियांव जनपद लखनऊ, इकरार पुत्र उस्मान निवासी अजीजनगर छोटा खुदान, थाना मडियांव, जनपद लखनऊ, सलमान पुत्र मो. नसीम निवासी कस्बा व थाना तम्बौर, जनपद सीतापुर, कासिम पुत्र कबीर निवासी समसेरीपुरवा, थाना थानगांव, जनपद सीतापुर (हाल पता मो0 नई बस्ती कस्बा व थाना तम्बौर जनपद सीतापुर), अच्छन पुत्र वशीर निवासी भदेवा थाना थानगांव जनपद सीतापुर शामिल हैं। गैंग के सदस्यों द्वारा चोरी करने से पहले दिन में रियायसी कालोनियों मे पहले मोटरसाइकिल से रैकी की जाती है। उसके बाद रात्रि में चार अपने साथियों के साथ आकर पुनः उन घरों की दो वार रैकी करते थे। अगर ताला बंद मिलता है तो देर रात 01.00 से 04.00 बजे के बीच घर का ताला तोडकर चोरी कर लेते हैं। सभी सदस्य लोहे की मजबूत राड से ताला तोड़ने में माहिर हैं। गैंग के पास दो तीन चारपहिया वाहन हैं, जिनको आपस में अदल-बदल कर चोरियों में प्रयोग करते हैं। गैंग के ज्यादातर सदस्य चौपहिया वाहन चलाना जानते हैं। इनका एक सदस्य हमेशा पिठ्ठू बैग लिये रहता है, जिसमें आला नकब का सामान रहता है। चोरी करने के बाद नगदी व जेवरात उसी में भरकर ले जाते हैं। ज्यादातर चोरियां ये त्यौहारों के समय करते हैं। चोरी करते समय मोबाइल का प्रयोग नहीं करते हैं और अपना सिम एक महीने के अन्दर बदल देते हैं । चुराये गये सामान को ज्यादातर रेउसा के सोनार संजय रस्तोगी को ही बेंचते हैं। संजय रस्तोगी पहले भी चोरी का माल खरीदने में जेल जा चुका है। यह गिरोह लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, लखीमपुर व नैनीताल में ज्यादातर सक्रिय रहते रहकर चोरियां करते हैं। गिरोह के सदस्यों पर लगभग दर्जनों से ज्यादा मुकदमें पंजीकृत हैं। चोरी करने के बाद पुलिस से बचने के लिये गुजरात व मुम्बई जाकर अपने रिश्तेदारो के यहां रुकते हैं। अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में सदर कोतवाली से उप निरीक्षक सुनीत कुमार, जयप्रकाश यादव, संचित यादव, अजीत कुमार, हेड कांस्टेबल विजय शर्मा, अरविन्द कुमार, कांस्टेबल विकास सिंह चौहान, अमरजीत, हेमेन्द्र थाना, महिला कांस्टेबल रीता चौहान, सर्विलांस स्वाट टीम से हेड कांस्टेबल आशीष सिंह चौहान (टीम प्रभारी), कांस्टेबल महताब आलम, देवेन्द्र कुमार यादव व योगेश मौजूद रहे।





