WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.32 PM
WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.31 PM (1)
WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.31 PM

सावधान इण्डिया न्यूज" चैनल में आपका स्वागत है, हमारे चैनल से जुड़ने एवं समाचारों व विज्ञापनों के लिए सम्पर्क करें :- 9452092767-9170349999
54498a37-ca18-47e4-95c5-88be12287550
54498a37-ca18-47e4-95c5-88be12287550
उत्तर प्रदेशसावधान इण्डिया न्यूज

पलिया नगर पालिका के व्यवसायिक परिसर में शीघ्र ही स्थापित की जाएगी महाराजा अग्रसेन प्रतिमा

पालिकाध्यक्ष ने बिना अनुमति लिए ही कर डाला सरकारी परिसर में मूर्ति स्थापना का प्रबन्ध

Savdhan India News

पलिया नगर पालिका के व्यवसायिक परिसर में शीघ्र ही स्थापित की जाएगी महाराजा अग्रसेन प्रतिमा

– पालिकाध्यक्ष ने बिना अनुमति लिए ही कर डाला सरकारी परिसर में मूर्ति स्थापना का प्रबन्ध

(निर्जेश मिश्र)

सावधान इण्डिया न्यूज, लखीमपुर-खीरी। मित्रों श्रीरामचरितमानस रामायण में एक चौपाई है। समरथ कहुं नहीं दोषु गोसाईं। रवि पावक सुरसरि की नाईं।। अर्थात् समर्थवान व्यक्ति को कभी कोई दोष नहीं देता। ठीक वैसे ही जैसे सूर्य, अग्नि और गंगा को कोई दोष नहीं देता। चाहे सूर्य प्रचंड धूप और गर्मी दे। अग्नि वन में दावानल बनकर वन को भस्म कर दे। गंगा नदी जलमग्न होकर चाहें प्रलय की स्थित उत्पन्न कर दे। परन्तु कोई दोष देने वाला नहीं। आज के परिपेक्ष्य में यह एकदम सत्य है। असमर्थ व्यक्ति को कोई नहीं पूछता, वह अच्छा काम करे, तब भी समाज उसे गलत ही कहता है। समर्थवान व्यक्ति द्वारा किया हुआ काम समाज में चर्चा का विषय बन जाता है। फिर चाहें वह सार्वजनिक हो या व्यक्तिगत, गलत हो या फिर सही। समाज उसका विरोध करने का भी साहस नहीं कर सकता। कुल मिलाकर निष्कर्ष यह है कि समर्थवान व्यक्ति को सभी लोग दोष मुक्त कर देते हैं। रामचरितमानस की यह चौपाई पलिया नगर पालिका के चेयरमैन केबी गुप्ता पर एकदम सटीक बैठती है। मित्रों यह दृश्य पलिया के नगर पालिका काॅम्पलेक्स का है। यह परिसर सरकारी और व्यवसायिक है। परिसर का निचला भाग विभिन्न व्यापारियों के पास किराए पर है और ऊपरी भाग में वाणिज्यकर एवं डाक विभाग के कार्यालय हैं, जिनका आवंटन नीलामी पद्धति के अन्तर्गत किया गया था। परिसर की दिख रही यह खाली जगह व्यापारियों और सरकारी अधिकारी/कर्मचारियों के वाहन खड़े करने के लिए है। परन्तु कुछ लोगों से मिली जानकारी के अनुसार इस खाली जगह में पालिकाध्यक्ष केबी गु्प्ता महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित करके इसे अग्रसेन पार्क का नाम देना चाहते हैं। जिससे निश्चित रूप से आने वाले समय में व्यापारियों और अधिकारी/कर्मचारियों के लिए समस्या उत्पन्न होने वाली है। बता दें कि पूर्व में नगर के समाजसेवी रवि गुप्ता ने जब एसडीएम पलिया को ज्ञापन देकर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति प्रदान कराने की मांग की थी, तब सम्बन्धित अधिकारियों का कहना था कि सरकारी परिसर में व्यक्तिगत या सार्वजनिक प्रतिमा स्थापित कराने की अनुमति शासन-प्रशासन से किसी भी हालत में नहीं मिल सकती। लेकिन अब यह अनुमति कैसे मिल सकती है और क्यों बनाया गया है सरकारी परिसर में यह मूर्ति स्थापित कराने का स्ट्रेक्चर ? इस सम्बन्ध में पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता से जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया कि इस जगह पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की स्थापना कराएंगे। इस सम्बन्ध में अनुमति प्रदान करने के लिए मेरे द्वारा शासन को एक पत्र भेजा गया है। अनुमति पत्र प्राप्त होते ही बाजे-गाजे के साथ धूमधामपूर्वक महाराजा अग्रसेन प्रतिमा की स्थापना कराई जाएगी। जब उनसे सरकारी परिसर की बात की गयी तो उनका कहना था कि सरकारी परिसर में महापुरुष की मूर्ति क्यों नहीं लग सकती है ? तमाम जगह महापुरुषों की प्रतिमाएं सरकारी परिसरों में लगी हुई हैं। फिर मैं कोई अपने फायदे के लिए यह काम नहीं कर रहा हूं। महापुरुष की मूर्ति लगवाना कोई गलत नहीं है। बता दें कि अनुमति लिए बिना सरकारी परिसर में इस तरह का स्ट्रेक्चर बनवाना भी तो गैरकानूनी है। शायद यह जानकारी पालिकाध्यक्ष को नहीं थी। अब देखना है कि सरकारी और व्यवसायिक परिसर में मूर्ति स्थापित कराने के लिए शासन द्वारा अनुमति दी जाती है, या फिर पालिकाध्यक्ष के इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया जाता है।


Savdhan India News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button