WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.32 PM
WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.31 PM (1)
WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.31 PM

सावधान इण्डिया न्यूज" चैनल में आपका स्वागत है, हमारे चैनल से जुड़ने एवं समाचारों व विज्ञापनों के लिए सम्पर्क करें :- 9452092767-9170349999
54498a37-ca18-47e4-95c5-88be12287550
54498a37-ca18-47e4-95c5-88be12287550
उत्तर प्रदेशसावधान इण्डिया न्यूज

सोशल मीडिया पर चिकित्सकों का दुष्प्रचार करने वाले अराजक तत्वों के विरूद्ध की जाए विधिक कार्रवाई : डाॅ अवस्थी

मंगलवार को पलिया में हुआ "प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन" की आपात बैठक का आयोजन

Savdhan India News

सोशल मीडिया पर चिकित्सकों का दुष्प्रचार करने वाले अराजक तत्वों के विरूद्ध की जाए विधिक कार्रवाई : डाॅ अवस्थी

– मंगलवार को पलिया में “प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन” की हुई आपात बैठक

(निर्जेश मिश्र)

सावधान इण्डिया न्यूज, लखीमपुर-खीरी। मंगलवार को जिले की पलिया तहसील में डाॅक्टर एके अवस्थी की अध्यक्षता में “प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन” की एक आपात बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में तय किया गया कि शोशल मीडिया पर चिकित्सकों के विरुद्ध दुष्प्रचार करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए एसोसिएशन की ओर से एक वकील नियुक्त किया जाएगा, ताकि दुष्प्रचार करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सके। बैठक में मान्यता प्राप्त/डिग्रीधारक पत्रकारों से निवेदन किया गया है कि चिकित्सक या चिकित्सालय से सम्बन्धित किसी प्रकार का समाचार प्रकाशित/प्रसारित करने से पूर्व सम्बन्धित चिकित्सक का पक्ष अवश्य जान लें। तत्पश्चात समाचार प्रकाशित करें। किसी चिकित्सक के साथ या चिकित्सालय में उपद्रव होने की स्थित में सभी चिकित्सक तत्काल मौके पर पहुंचेंगे। पुलिस प्रशासन से मिल कर निवेदन किया जायेगा कि उपद्रवी तत्वों के विरुद्ध गैरजमानती अपराध के अन्तर्गत विधिक कार्रवाई की जाए। डा. एके अवस्थी ने कहा कि हर मरीज व उसके परिजन को डाॅक्टर द्वारा लापरवाही करने की आशंका पर संविधान के तहत विधिक कार्रवाई कराने का अधिकार है न कि उपद्रव करने का। जैसे कोई वकील यदि मुकदमा हार जाये तो हम उसके साथ अभद्रता नहीं कर सकते, बार काउंसिल में शिकायत कर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। ठीक उसी प्रकार चिकित्सक की शिकायत कर कार्रवाई की जा सकती है, न कि अभद्रता। बैठक में यह भी चर्चा की गयी कि किसी भी चिकित्सक के विरुद्ध बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की जांच के मुकदमा न लिखा जाए, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट की सम्विधान पीठ ने जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब सरकार मामले में निर्णय दिया। किसी मरीज की इलाज के दौरान या इलाज से पहले मौत होती है तो पुलिस-प्रशासन तत्काल मृतक का पोस्टमार्टम कराये न कि उसके शव को अस्पताल में छोड़कर धरना प्रदर्शन और धन उगाही की छूट दे। इस दौरान बैठक में डाॅक्टर अशोक ग्रोवर, अशोक पाण्डेय, गौतम पाल, शिवम गुप्ता, अंशुल शुक्ला, रविन्द्र सिंह, प्रशान्त सक्सेना, अखिलेश, शिल्पी, मयंक गुप्ता, प्रियंक गुप्ता, वीपी राना, योगेश राना, अशोक गुप्ता, जुल्फिकार, आशीष पाण्डेय एवं अभिजीत गोस्वामी सहित सभी डाॅक्टर मौजूद रहे।


Savdhan India News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button