लखीमपुर खीरी : सम्पूर्णा नगर के समाजसेवी डॉ. आई.ए. खान का जीवन समर्पण
कोरोना काल में मुफ्त ऑक्सीजन-दवाएं बांटी, हजारों पेड़ लगाए, गरीबों की मदद की थीं


समाजसेवी डॉ. आई.ए. खान का जीवन समर्पण
कोरोना काल में मुफ्त ऑक्सीजन-दवाएं बांटी, हजारों पेड़ लगाए, गरीबों की मदद की थीं
लखीमपुर खीरी के सम्पूर्णानगर के निवासी डॉ. आई.ए. खान ने समाज सेवा को अपना धर्म बना लिया है। उन्होंने सम्पूर्णानगर, लखनऊ और जयपुर से अपनी शिक्षा पूरी की। स्नातक के बाद पिता के व्यवसाय को संभाला और साथ ही समाज सेवा में जुट गए।
डॉ. खान ने कोरोना काल में लोगों को मुफ्त ऑक्सीजन और दवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने राशन वितरण भी किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए हजारों पौधे लगाए। वे इन पौधों को लोगों में मुफ्त बांटते हैं और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाते हैं।
समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान विविध है। वे बीमार लोगों को आर्थिक मदद करते हैं। बाढ़ पीड़ितों को दवाएं और सैनिटरी किट पहुंचाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाते हैं। स्कूलों में स्वच्छता, सीपीआर और टीकाकरण के बारे में जानकारी देते हैं।
डॉ. खान धर्म-जाति से ऊपर उठकर काम करते हैं। वे हर धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। गरीब परिवारों के अंतिम संस्कार में मदद करते हैं। विकलांग लोगों को हर साल बैसाखी वितरित करते हैं। कई एनजीओ से जुड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
उनकी सेवाओं के लिए उन्हें आइकन ऑफ एशिया, शान-ए-लखीमपुर, पर्यावरण रक्षक, कोरोना वॉरियर और शान-ए-राजपूताना जैसे सम्मान मिल चुके हैं। डॉ. खान का मानना है कि अपना काम ईमानदारी और निष्ठा से करना भी देशभक्ति है।





