प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए कराएं फसल का बीमा डीएम
31 दिसम्बर है फसल बीमा कराने की अंतिम : डीएम

प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए कराएं फसल का बीमा डीएम
– कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ किसान दिवस का आयोजन, डीएम ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश

लखीमपुर-खीरी। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी डीएम अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। डीएम ने अधिकारियें को किसानों की समस्याओं का समय से निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों को संरक्षित करने के लिए शासन-प्रशासन कृत संकल्पित होकर काम कर रहा। इसके लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानपरक योजनाओं के जरिए उन्हें समृद्ध बनाने के लिए नित नए कदम उठा रही है। उन्होंने मौजूद किसानों की समस्याएं सुनी और निराकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने स्तर से किसानों की जिन समस्याओं का समाधान न कर सके, उसके बारे में उन्हें अवगत कराएं। कृषि उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने कहा कि किसान दिवस किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक बेहतर मंच प्रदान करता है। इस दिवस पर किसान अपनी समस्याओं को के निस्तारण के साथ-साथ विशेषज्ञों से भी अपनी सभी जिज्ञासाओं को भी शांत कर सकते हैं। बैठक में डीसीओ वेद प्रकाश सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी सत्येन्द्र सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी व डीएचओ मृत्युंजय सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
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31 दिसम्बर है फसल बीमा कराने की अंतिम : डीएम
प्रभारी डीएम अनिल कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को फसलों के नुकसान से बचाने के लिए पीएम फसल बीमा का सुरक्षा कवच किसानों को प्रदान किया गया है। किसान रबी फसलों का बीमा 31 दिसंबर से पहले बीमा अवश्य करा लें, ताकि किसी भी दशा में फसल क्षति होने पर उन्हें मायूस न होना पड़े। फसल की सुरक्षा और आपदा में नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए रबी फसली वर्ष 2023-24 के लिए अधिसूचित फसल (गेहूं, जौं, चना, मटर, मसूर, लाही, सरसों, अलसी एवं आलू) का पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसान भाई अपनी बीमा करा लें। उन्होंने बताया कि बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से अनुसूचित क्षेत्र में बोई गई अधिसूचित फसल को बीमा कवर प्रदान करना, कृषि में उन्नति तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देना और आपदा वर्षों में कृषि आय को स्थिर रखना है। बीमा कराने के लिए किसान भाइयों के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता सम्बन्धी प्रपत्र, भूमि स्वामित्व सम्बन्धी प्रपत्र, बटाई प्रमाणपत्र, फसल बुआई का प्रमाणपत्र (स्व-सत्यापित) एवं मोबाइल नम्बर आवश्यक दस्तावेज हैं। कृषक द्वारा अधिसूचित फसल के लिए देय प्रीमियम बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत और अधिसूचित फसल आलू के लिए बीमित राशि का पांच फीसदी जमा करना होगा। कृषकों द्वारा देय प्रीमियम राशि के अलावा अन्य कोई शुल्क बीमा के लिए देय नहीं है। किसान भाई अपनी नजदीकी बैंक शाखा, जनसेवा केन्द्र पर सम्पर्क कर भारत सरकार के पोर्टल च्डथ्ल् च्वतजंस क्ष्ूू.चउिइल.हवअ.पदद्व पर लॉगिर करके बीमा करवा सकते हैं।







