ध्यान धरैं पद पंकज को, सुचि राम कृपा सो तरैं…
पूरनपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन

ध्यान धरैं पद पंकज को, सुचि राम कृपा सो तरैं…
– पूरनपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
पूरनपुर (पीलीभीत)। साहित्य गतिविधियों को गति देने के लिए गठित “टॉप फाउंडेशन” के तत्वावधान में नगर के शिव शक्ति धाम मंदिर परिसर में संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के 67वें परिनिर्माण दिवस पर कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कई कवि व कवियत्रियों द्वारा सुंदर रचनाएं प्रस्तुत की गईं। कई नवांकुरों ने पहली बार काव्य पाठ किया।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ
गीता राठौर द्वारा वाणी वंदन के साथ हुआ। उन्होंने सुमधुर स्वर में सुनाया
“जगत जननी जन्मदायिनी,
तुम शक्ति की हो परिभाषा।
हे! नारी तुम पूज्य सदा ही,
हर हृदय की हो अभिलाषा”।
डाक्टर नीता अग्रवाल ने पढ़ा “कान्ह राधा मिले स्वप्न में यूँ हमें, रूप माधुर्य का मन करे आचमन।
बाँसुरी की धुनों बात मेरी सुनो, यूँ सँवारो सुरों को सधे आज मन”।
डाक्टर निरांजना शर्मा ने कुछ इस तरह से भगवान शिवजी की स्तुति प्रस्तुत की
“हे सकल जीव के अधिनायक, व्यवहार कार्य के दृष्टा हो। सब तप साधक प्रिय लोचन से, तुम जन्म मृत्यु के सृष्टा हो।
नवांकुर कवि रमा वर्मा ने सुनाया
“हाल ए दिल सुनाने को कोई सहारा ना मिले, तो कागज़ कलाम उठा लेना जनाब।
सुना है वो आपका दर्द महफ़िल में सुनाने लायक बना देता है।
सुगन्ध अग्रवाल ने डाक्टर भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धा सुमन समर्पित करते हुए
“दलित जाति में जन्में थे भीम पड़ा था नाम। उनके आगे नतमस्तक है पूरा हिंदुस्तान” प्रस्तुत किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे पंडित राम अवतार शर्मा ने सुनाया।
“मारुतिनन्दन की गुनगाथ, गहै रसना सों सदा नर नागर। मूरति पावन रूप अनूप, बसै मन मन्दिर में निसिवासर। ग्यान की खान महा बलवान, सुकीरति तीनहुँ लोक उजागर। ध्यान धरैं पद पंकज को, सुचि राम कृपा सो तरैं भवसागर।
संचालन कर रहे कवि व पत्रकार सतीश मिश्र “अचूक” ने “अस्तित्व नकारो मत उसका, सब पर भारी वह नारी है” सुनाकर मातृशक्ति को सर्वशक्तिमान बताया।
इसके अलावा कवि विकास आर्य “स्वप्न”, रामभरोसे लाल, संजीता सिंह व सुषमा आर्य आदि ने भी सुंदर काव्यपाठ किया। इस अवसर पर उपस्थित प्रदीप सिंह मुखिया, शिवा पांडेय व हर्षित मिश्र सहित सैकड़ों लोगों ने तालियों के साथ स्वागत करते हुए कवियों का उत्साहवर्धन किया।
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इसी माह में होगा कवयित्री सम्मेलन का आयोजन
गोष्ठी में इसी माह नगर में कवयित्री सम्मेलन आयोजित कराने की रणनीति तैयार की गई। जानकारी देते हुए वरिष्ठ पत्रकार/कवि सतीश मिश्र “अचूक” ने बताया कि सम्मेलन का संचालन संयोजन व अध्यक्षता मातृशक्ति द्वारा किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इसमें केवल कवयित्रियां ही काव्य पाठ करेंगी। हालांकि श्रोताओं में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। महिला एवं पुरुष सभी सम्मेलन को देख/सुन सकेंगे। कार्यक्रम की संयोजक डॉक्टर नीरांजन शर्मा रहेंगी और अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री संगीता सिंघल द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम का स्थान व तिथि का फिलहाल अभी निर्धारण नहीं हुआ है। इसकी जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि शीघ्र ही तिथि व स्थान की घोषणा की जाएगी।






