पलिया में लोन देने के नाम पांच लोगों से कम्पनी मैनेजर ने की ठगी
पीड़ितों ने पुलिस को प्रार्थना देकर की कार्रवाई करने की मांग, समझौता में कम्पनी मैनेजर ने 28 फरवरी का दिया 47 हजार पांच सौ रूपये का चेक

पलिया में लोन देने के नाम पांच लोगों से कम्पनी मैनेजर ने की ठगी
पीड़ितों ने पुलिस को प्रार्थना देकर की कार्रवाई करने की मांग, समझौता में कम्पनी मैनेजर ने 28 फरवरी का दिया 47 हजार पांच सौ रूपये का चेक


(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, लखीमपुर-खीरी। मित्रों सबसे अधिक ठगी और धोखाधड़ी का काम होता है तो वो है लखीमपुर खीरी जिले की तहसील पलिया। यहां लगभग हर छह महीने बाद कोई न कोई धोखधड़ी का मामला प्रकाश में आ ही जाता है। अब एक और धोखाधड़ी करके पैसा ठगने का नया मामला प्रकाश में आया है। मंगलवार को पलिया कोतवाली में प्रार्थना पत्र देने पहुंचे पलिया नगर के मोहल्ला पठान सेकेण्ड निवासी मारूफ बेग पुत्र लियाकत बेग, मोहम्मद आफाक पुत्र फखरूद्दीन व मोहल्ला सुभाषनगर निवासी मोहम्मद नाजिम पुत्र मोहम्मद फारूख, मोहम्मद अजमल पुत्र मोहम्मद इब्राहिम एवं पलिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सरखना पश्चिम मजरा मरूआ पश्चिम निवासी दीपक कुमार राठौर पुत्र रमेश कुमार राठौर ने बताया कि नगर की दुधवा रोड पर स्थित कालरात्रि मन्दिर के पास सीआईआईएफ माइक्रो फाईनेंस से लोन लेने के लिए उन लोगों ने फाइल कराई थी। बताया कि लोन अप्रूवल कराने के नाम पर फाइनेंस कम्पनी के मैनेजर रवि कुमार पुत्र रामचन्द्र ने किसी से दस, किसी से 11 तो किसी से नौ हजार रूपये जमा कराए थे। समय काफी बीत जाने के बाद भी जब उन लोगों का लोन पास नहीं हुआ तो कम्पनी आफिस जाकर जानकारी करनी चाही, लेकिन वहां मैनेजर से मुलाकात नहीं हो सकी। उन लोगों ने मैनेजर को कई बार फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। फोन रिसीव न होने एवं आफिस में न मिलने से उन लोगों को शक हुआ कि कम्पनी फर्जी है और लोन कराने के नाम पर लोगों से ठगी करती है। पीड़ितों ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कार्रवाई करने की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि कोतवाली में प्रार्थना पत्र देने के बाद पुलिस ने मैनेजर को कोतवाली बुलाया। जहां मैनेजर ने 28 फरवरी तक पैसा वापस करने का वादा किया, जिसकी लिखा-पढ़ी कराई गई और मैनेजर रवि कुमार ने 47500 रूपये का एक चेक भी दिया, जिसमें पांचों लोगों का पैसा सम्मिलित है। अब देखना है कि आने वाली 28 फरवरी को उक्त लोगों का पैसा वापस मिलता भी है या नहीं।





