आशा कर्यकत्रियों का शोषण कर रहे सीएचसी अधीक्षक, नहीं मिला मानदेय
आशाओं के समाने उत्पन्न हुई आर्थिक समस्या की स्थिति, कार्य से विरत होने का लिया फैसला

आशा कर्यकत्रियों का शोषण कर रहे सीएचसी अधीक्षक, नहीं मिला मानदेय
– आशाओं के समाने उत्पन्न हुई आर्थिक समस्या की स्थिति, कार्य से विरत होने का लिया फैसला

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, आशाओं को नहीं मिल रहा मानदेय, समस्या लेकर सीएचसी पहुंचीं आशाओं की सीएचसी अधीक्षक ने नहीं सुनी कोई बात। मित्रों लखीमपुर जिले के पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत आशाओं को उनका मानदेय नहीं दिया जा रहा है, जिससे आशाएं काफी परेशान हैं। आशाओं का कहना है कि उन लोगों से विभिन्न प्रकार के कार्य करा लिए जाते हैं, लेकिन किसी भी कार्य का पैसा नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण उनके सामने आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गयी है। मंगलवार को तमाम आशा कार्यकत्रियां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचीं। जहां उनकी कोई बात नहीं सुनी गयी। आशाओं का कहना था कि सीएचसी अधीक्षक ने उन सबको मीटिंग के लिए बुलाया था। जब वह सब सीएचसी पहुंचीं तो उनकी कोई बात नहीं सुनी गयी। आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक ने सभी आशाओं को अन्दर प्रवेश नहीं होने दिया। मित्रों स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कही जाने वाली आशाओं को सीएचसी अधीक्षक के शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। क्षेत्र में हो रहे आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी एवं संचारी रोगों से लेकर डिलीवरी तक से सम्बंधित कार्य आशाओं से कराए जा रहे हैं, लेकिन किसी भी कार्य का पैसा नहीं दिया जा रहा है। कुछ आशा कार्यकत्रियों ने बताया कि उन्हें मिलने वाला मासिक मानदेय 22 सौ रुपया भी कई महीनों से नहीं मिल सका। इससे परेशान आशाओं ने सभी कार्यों से विरत रहने का फैसला लिया है। अब देखना है कि सम्बंधित अधिकारी आशाओं की समस्या को लेकर अधीक्षक के विरुद्ध कोई कार्यवाही करते हैं या फिर विभागीय होने के नाते पक्षपात करते हुए सीसचसी अधीक्षक को क्लीन चिट देकर आशाओं को शोषण का शिकार होने के लिए छोड़ दिया जाता है।





