लखीमपुर खीरी : इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सपा प्रदेश सचिव रेहान ख़ान को मिली बड़ी राहत, FIR रद्द
यह मामला जनपद खीरी के थाना पलिया से संबंधित है। यहाँ रेहान ख़ान एवं अन्य के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 10/2026 विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इस एफआईआर को चुनौती देते हुए रेहान ख़ान की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटीशन संख्या 412/2026 दाखिल की गई थी।


पलिया कलां (खीरी)
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रेहान ख़ान और उनके परिवार के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर (FIR) को पूरी तरह से निरस्त (Quash) कर दिया है, जिससे लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद का अंत हो गया है।
यह मामला जनपद खीरी के थाना पलिया से संबंधित है। यहाँ रेहान ख़ान एवं अन्य के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 10/2026 विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इस एफआईआर को चुनौती देते हुए रेहान ख़ान की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटीशन संख्या 412/2026 दाखिल की गई थी।

सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों को मेडिएशन सेंटर (मध्यस्थता केंद्र) भेजने का निर्देश दिया था। मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई और आपसी सहमति से विवाद को पूरी तरह सुलझा लिया गया।
मेडिएशन सेंटर की सफल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को आधार मानते हुए माननीय न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन और माननीय न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने याचिका को स्वीकार कर लिया।
कोर्ट का रुख: खंडपीठ ने स्पष्ट आदेश दिया कि आपसी समझौते के आधार पर संबंधित एफआईआर और उससे जुड़ी सभी कानूनी कार्यवाहियों को समाप्त किया जाता है।
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद रेहान ख़ान और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आपसी सुलह और मध्यस्थता की प्रभावशीलता को दर्शाता है। इस आदेश के साथ ही रेहान ख़ान और उनके परिवार पर लगे सभी आरोप अब खत्म हो गए हैं।





