गोविन्द सदन के प्रमुख सेवादार बाबा भूपेंद्र सिंह पंचतत्व में विलीन
गुरुद्वारा चलतुआ साहिब मैलानी में कराया भव्य गुरुद्वारे विशाल धूंने की स्थापना

गोविन्द सदन के प्रमुख सेवादर पंचतत्व में विलीन
लखनऊ।(मुकेश दत्त शर्मा/सम्पूर्णानन्द पाण्डेय) सर्वधर्म सद्भाव के विश्वविख्यात आघ्यात्मिक केंद्र गोविन्द सदन दिल्ली के प्रमुख सेवादार बाबा भूपेंद्र सिंह का बीती दस नवम्बर को 73 वर्ष की अवस्था में दुःखद देहावसान हो गया, उनके पैतृक निवास रोपड़ जिला चंडीगढ़ के निकट गोविन्द सदन के संस्थापक देवलीन परमसन्त बाबा विरसा सिंह के उत्तराधिकारी बाबा गगनदीप सिंह द्वारा तेरह नवम्बर को मुखग्नि प्रदान की गई।
बताते चलें कि 09 अक्टूबर 1952 को जन्मे बाबा भूपेंद्र सिंह का 10 नवम्बर 2023 को देवलीन हो गये। 40 वर्ष पहले बाबा जी गोविन्द सदन से चलकर जनपद पीलीभीत आये थे जहाँ खीरी पीलीभीत और शाहजहां पुर की सीमा के मध्य पीलीभीत के ग्राम चलतुआ में प्रवास पर आए थे तब से यहीं रहकर महाराज बाबा विरसा सिंह की अनुमति से भव्य चलतुआ आश्रम का निर्माण किया जहाँ विशाल हवन कुंड तथा एक दिव्य गुरुद्वारा साहिब का निर्माण बाबाजी की देखरेख में हुआ। आश्रम बाबा के धुंने पर देसी घी व हवन सामग्री से चौबीसों घण्टे हवन होता रहता है तथा मंगलवार को हनुमान जी का रोट चढ़ता है, वहीं अन्य दिनों में विधिवत पूजापाठ व अरदास आदि होती हैं। लंबी बीमारी के बाद बाबा भूपेंद्र सिंह ने पीलीभीत के एक अस्पताल में अंतिम साँस लेते हुये अपना शरीर छोड़ा, उनका पार्थिव शरीर 10 तारीख को पहले चलता हुआ आश्रम पर लाया गया जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के चरणकमलों में अपने श्रद्धा सुमन अर्पितकर अपनी श्रद्धांजलि दी गयी, ततपश्चात पश्चात बाबा जी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पंजाब ले जाया गया जहाँ अंतिम संस्कार के समय गोविन्द सदन की प्रमुख सेवादार मैरी पैट फिशर, प्रेमपाल सिंह, चर्चिल सिंह,निट्ठा सहित विभिन्न प्रदेशों के आश्रमों से आये हजारों सेवादारों द्वारा नम आंखों से श्रंद्धांजलि दी गयी।







