गौरीफंटा बार्डर पर पूरा दिन जमा बैठा रहता है एक तथा कथित पत्रकार, सुरक्षा ऐजेंसियों के कार्य में बन रहा बाधक
बार्डर पर बैठे-बैठे अच्छे और सम्मानित पत्रकारों की धूमिल कर रहा छवि, सम्बन्धित अधिकारियों को ऐसे दलालों के खिलाफ करनी चाहिए कड़ी कार्रवाई

गौरीफंटा बार्डर पर पूरा दिन जमा बैठा रहता है एक तथा कथित पत्रकार
– अपने को पत्रकार बताने वाले इस तरह का एक दलाल सुरक्षा ऐजेंसियों के कार्य में बन रहा बाधक
– बार्डर पर बैठे-बैठे अच्छे और सम्मानित पत्रकारों की धूमिल कर रहा छवि, सम्बन्धित अधिकारियों को ऐसे दलालों के खिलाफ करनी चाहिए कड़ी कार्रवाई

लखीमपुर-खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गौरीफंटा बार्डर पर यूं तो सुरक्षा ऐजेंसियां रात-दिन ड्यूटी करके अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहीं हैं। परन्तु अपने को पत्रकार बताने वाला एक दलाल बार्डर पर पूरा-पूरा दिन बैठकर सुरक्षा ऐजेंसियों के कार्य में बाधक बन रहा है। पत्रकार का टैग लगा होने के कारण इस दलाल के विरूद्ध सुरक्षा ऐजेंसियां कोई आवाज भी नहीं उठा पा रही हैं।
बता दें कि पलिया तहसील क्षेत्र के गौरीफंटा में भारत-नेपाल सीमा पर वन विभाग, एसएसबी, पुलिस, सीपीओ एवं एलआईयू सहित तमाम सुरक्षा ऐजेंसियां तैनात हैं, जो अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ कर रहीं हैं। भारत से नेपाल जाने एवं नेपाल से भारत आने वाले लोगों की सघन चेकिंग भी की जाती है। इसके बाद भी बार्डर पर एक दलाल अपने को पत्रकार बताते हुए सुरक्षा ऐजेंसियों के कार्य में बाधक बन रहा है। यह दलालरूपी पत्रकार हर रोज बार्डर पर आसानी से देखने को मिल सकता है। बताया जाता है कि उक्त दलाल नेपाल से भारत के लिए और भारत से नेपाल के लिए मादक पदार्थों एवं अन्य प्रतिबन्धित सामानों की तस्करी भी करता है और कई बार जेल भी जा चुका है। इसके बाद भी सम्बन्धित अधिकारी ऐसे दलालरूपी पत्रकारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे दलालों के साथ-साथ अन्य अच्छे और सम्मानित पत्रकारों की भी छवि धूमिल हो रही है। जब भी कोई सम्मानित पत्रकार तस्करी से सम्बन्धित कोई खबर प्रकाशित अथवा प्रसारित करता है तो यह अपने को पत्रकार बताने वाला दलाल उस पत्रकर की छवि धूमिल करने का काम करता है। ऐसे दलालरूपी पत्रकारों के खिलाफ यदि समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त पत्रकार लामबन्द होकर आन्दोलन करने पर बाध्य हो जाएंगे।





