विद्युत विभाग के लापरवाह एवं गैरजिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी उपभोक्ताओं के लिए बने नासूर
जिला पंचायत सदस्य पति के साथ हाइडिल पहुंचे उपभोक्ताओं ने किया जेई का घेराव

विद्युत विभाग के लापरवाह एवं गैरजिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी उपभोक्ताओं के लिए बने नासूर
– जिला पंचायत सदस्य पति के साथ हाइडिल पहुंचे उपभोक्ताओं ने किया जेई का घेराव
(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, पलियाकलां-खीरी। विद्युत विभाग की लापरवाह एवं लचर व्यवस्था से उपभोक्ता काफी परेशान हो चुके हैं। विद्युत विभाग के पास हर रोज नये-नये बहाने निकलकर आ जाते हैं। अब एक नया बहाना बिजली विभाग लेकर आया है, वह है बाढ़ का। जिस क्षेत्र की बिजली गायब होती है, उसके बारे में जब जानकारी ली जाती है तो जेई व अन्य अधिकारी कर्मचारी फटाक से जवाब देते हैं कि बाढ़ की वजह से सप्लाई डिस्टर्व चल रही है। आज मंगलवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ। हुआ यूं कि पलिया देहात के कृष्णानगर और थारूपुरवा की सप्लाई लगभग दो बजे बन्द कर दी गयी। लम्बा इंतजार करने के बाद भी जब सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उपभोक्ताओं ने जिला पंचायत सदस्यपति मनप्रीत सिंह को समस्या से अवगत कराया। उन्होंने जेई विद्यासागर से फोन पर वार्ता की और मौके पर पहुंचर उपभोक्ताओं की समस्या सुनने की बात कही। रात्रि दस बजे तक भी जेई या फिर विभाग का अन्य कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। मजेदार बात तो यह है कि जेई का जो बाढ़ का बहाना था वह इन दोनों जगहों पर लागू नहीं होता था। क्योंकि यह एरिया बाढ़ग्रस्त नहीं है। लेकिन विभाग का वही घिसा पिटा बहाना कि बाढ़ की वजह से सप्लाई नहीं मिल पा रही है। इससे उपभोक्ता आक्रोशित हो गये और जिला पंचायत सदस्यपति की अगुवाई में हाइडिल जा पहुंचे। आक्रोशित भीड़ ने हाइडिल का घेराव कर लिया। तब जाकर पता चला कि जेई साहब अपने कमरे में आराम फरमा रहे हैं। काफी देर इंतजार करने के बाद वह अपने कमरे से बाहर आए और सबसे पहले उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। फिलहाल जेई उपभोक्ताओं को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके और न ही बिजली की सप्लाई शुरू हो सकी। वहीं दूसरी तरफ तमाम उपभोक्ता लो वोल्टेज की समस्या से भी काफी परेशान हैं। घंटो बिजली नहीं आती है और जब आती हो तो बोल्टेज इतना लो होता है कि पंखा घूमना तो दूर बल्ब तक ठीक से नहीं जलता जो कि मात्र सात वाट का होता है। कुल मिलाकर पलिया विद्युत विभाग में सारे के सारे अधिकारी नम्बर एक के लापरवाह और गैर जिम्मेदार भरे हुए हैं। कन्ट्रोल से लेकर जेई, एसडीओ और एक्सईएन तक का कभी फोन रिसी नहीं होता। जिस कारण उपभोक्ताओं की समस्याएं समाप्त होने का नाम ही ले रहीं।






