किसान के लिए ऊंट के मुंह में जीरा जैसा साबित हो रहा गन्ने का समर्थन मूल्य : अमनदीप
किसान के लिए ऊंट के मुंह में जीरा जैसा साबित हो रहा गन्ने का समर्थन मूल्य : अमनदीप

किसान के लिए ऊंट के मुंह में जीरा जैसा साबित हो रहा गन्ने का समर्थन मूल्य : अमनदीप

गोलागोकर्णनाथ-खीरी। भारतीय किसान यूनियन ‘‘टिकैत गुट’’ के महासचिव अमनदीप सिंह संधू ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो किसानों के समर्थन मूल्य में जो 20 रूपये की बढ़ोत्तरी की गई है, वह किसानों के लिए छलावा मात्र ही है। किसान गन्ने के ऊपर कई गुना लागत लगाकर फसल पैदा कर रहा है। उसका फसल का मुनासिब दाम नहीं मिल पा रहा है। और तो और कई सालों तक गन्ने के बेचे गये भुगतानों का पेमेंट भी नहीं हो पता है। जिसके चलते किसानों की स्थित काफी दयनीय है। वह कर्ज के बोझ के तले दबा जा रहा है। सरकार को पुनर्विचार कर इस पर किसान के गन्ने का बेचा गया भुगतान त्वरित दिया जाये। इससे किसानो की स्थिति में सुधार हो सकता है। महंगाई दिन ब दिन बढ़ती जा रही है और गन्ने पर लागत भी कई गुना ज्यादा बढ़ गई है। गन्ने का मूल्य उस हिसाब से नहीं बढ़ रहा। इस बार सरकार ने जा 20 रूपये की बढ़ोत्तरी की है, वह किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।






