परिणय सूत्र बंधन में बंधकर एक दूसरे के हुए 482 जोडे
- खीरी में गूंजी सद्भाव की शहनाई, प्रभारी मंत्री ने उपहार के साथ दिया आशीर्वाद

परिणय सूत्र बंधन में बंधकर एक दूसरे के हुए 482 जोडे
– खीरी में गूंजी सद्भाव की शहनाई, प्रभारी मंत्री ने उपहार के साथ दिया आशीर्वाद

लखीमपुर-खीरी। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 482 जोड़े परिणय सूत्र बंधन में बंधकर एक दूसरे के हुए। प्रभारी मंत्री ने सभी नवदम्पत्तियों को उपहार देकर आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की ईश्वर से कामना की।
सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में खुशियों की शहनाई गूंज उठी। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज प्रांगण में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 482 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें 467 हिंदू एवं 15 जोड़े मुस्लिम समाज के शामिल रहे। हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक रीति रिवाज एवं मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया गया, जबकि मुस्लिम समाज के जोड़ों का उनके धर्म की रीति रिवाज के अनुसार निकाह संपन्न कराया गया। समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को प्रमाण पत्र के साथ सरकार की ओर से दिये जाने वाला आवश्यक सामान दिया। प्रभारी मंत्री आशीष पटेल ने सामूहिक विवाह के कार्यक्रम को आनंद का अद्भुत क्षण बताते हुए कहा कि किसी एक शादी में समय निकाल पाना मुश्किल होता है, लेकिन आज का यह आयोजन ऐसा शुभ एंव बड़ा कार्यक्रम है जहां मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और जिले के आला अधिकारी वर-वधु को शुभाशीष देने आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का कार्यक्रम डबल इंजन सरकार के प्रयासों और सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार का आयोजन है। दहेज की कुरीति से कई गरीब परिवार विवाह के पवित्र यज्ञ से वंचित हो जाते थे। बाल विवाह से पूरी तरह छुटकारा पाने के साथ दहेज के अत्याचार को समाप्त करने की दिशा में यह आयोजन अभिनव प्रयास है। हमें समाज में किसी भी ऐसी कुरीति को पनपने नहीं देना है जो समाज के विकास में बाधक हों। सभी नव दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने उनके सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंच से दस नवयुगलों को प्रमाणपत्र, उपहार एवं शगुनकिट भेंट किए। सामूहिक विवाह समारोह में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। एक ही प्रांगण में हिंदू और मुस्लिम धर्म के 482 जोड़े एक साथ विवाह के बंधन में बंधे। समारोह में नगरीय क्षेत्र के आठ, ग्रामीण क्षेत्र के चार सौ चौहत्तर, सामान्य वर्ग के नौ, अल्पसंख्यक वर्ग के पन्द्रह, पिछड़ा वर्ग के सत्तानवे, अनुसूचित जनजाति का एक एवं अनुसूचित जाति के तीन सौ साठ जोड़े वैवाहिक सूत्र बंधन के बंधे।







