अब खेती भी होगी हाईटेक, एग्रीकल्चर ड्रोन के प्रयोग से लाभ के साथ साथ किसानों का बढ़ेगा रोजगार
अब खेती भी होगी हाईटेक, एग्रीकल्चर ड्रोन के प्रयोग से लाभ के साथ साथ किसानों का बढ़ेगा रोजगार

अब खेती भी होगी हाईटेक, एग्रीकल्चर ड्रोन के प्रयोग से लाभ के साथ साथ किसानों का बढ़ेगा रोजगार

लखीमपुर-खीरी। किसानों को ड्रोन तकनीक से जोड़कर उनकी दक्षता, पैदावार बढ़ाने एवं लागत में कमी लाने के उद्देश्य से सोमवार को सीडीओ अभिषेक कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में क्रियान्वयन हेतु अफसरों की बैठक ली। उन्होंने रणनीति बनाकर काम करने एवं कृषि क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने कहा कि कृषि ड्रोन खेती के आधुनिक उपकरणों में से एक है, जिसके प्रयोग से किसानों को काफी मदद मिल सकती है। ड्रोन से बड़े क्षेत्रफल में महज कुछ मिनटों में ही नैनो खाद एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसानी से किया जा सकता है। इससे न सिर्फ लागत में कमी आएगी, बल्कि समय की भी बचत होगी। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सही समय पर खेतों में पोषक तत्व व कीट प्रबंधन किया जा सकेगा। सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, ताकि बेहतर उपज के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो। सीडीओ ने निर्देश देते हुए डीसीओ वेद प्रकाश सिंह से कहा कि व्यापक स्तर पर जिले के गन्ना किसानों को इस तकनीक के फायदे बताकर इस तकनीकी से किसानों को जोड़कर उन्हें समृद्ध बनाएं। इसमें जिले की चीनी मिलों को लक्ष्य देकर उनका अपेक्षित सहयोग प्राप्त करें। बैठक का संचालन डीडी कृषि अरविंद मोहन मिश्रा ने किया। इस दौरान एआरसीएस रजनीश कुमार सिंह, डीएचओ मृत्युंजय कुमार एवं इफको के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





