पलिया-भीरा मार्ग पर फिर चलने लगा बाढ़ का पानी
बरबाद हुईं किसानों की फसलें, तेज हुईं जनता के दिलों की धड़कनें

पलिया-भीरा मार्ग पर फिर चलने लगा बाढ़ का पानी
– बरबाद हुईं किसानों की फसलें, तेज हुईं जनता के दिलों की धड़कनें

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सावधान इण्डिया न्यूज, पलिया-भीरा नेशनल हाइवे 731 पर फिर से पानी चलने लगा है। हालांकि अभी वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई गयी है, लेकिन इस मार्ग से निकलना खतरे से खाली नहीं है। बता दें कि बीते माह जुलाई की आठ तारीख से इस मार्ग पर बाढ़ का पानी चल रहा है। बीच-बीच में पानी का बहाव बन्द भी होता रहता है। लेकिन रास्ता अधिकांश अवरुद्ध ही रहता है। पलिया क्षेत्र में लगातार आ रही बाढ़ के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। किसानों के खेतों में खड़ीं गन्ना और धान की फसलें पूर्णरूपेण बरबाद हो चुकी हैं। इसके अलावा व्यापार भी पूरी तरह से ठप होने की कगार पर है। पांच-छह दिन पूर्व ही इस मार्ग से बसों का संचालन शुरू कराया गया था। संचालन होने से जनता में खुशी की लहर दौड़ गयी थी, लेकिन अब एक बार फिर से जनता के दिलों की धड़कने तेज होने लगी हैं और चेहरों पर मायूसी छाने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि बसों का संचालन पुनः बन्द कर दिया गया तो जटिल समस्या उत्पन्न हो जाएगी। मित्रों पलिया-भीरा मार्ग की स्थिति देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि यदि दो-चार महीने तक यही समस्या रही तो पलिया की जनता यहां से पलायन करने पर विवश हो जाएगी। जनता का कहना है कि इस समस्या का समाधान करना न करना प्रशासन के हाथ में है। यदि प्रशासन चाहे तो लोगों को असुविधा तो होगी, लेकिन समस्या का समाधान हो सकता है। इसके लिए प्रशासन को यह करना चाहिए कि पलिया-भीरा मार्ग को वन-वे कर दे। वन-वे करने के लिए पुलिस की एक टीम अतरिया रेलवे फाटक पर और दूसरी शारदा पुल पर तैनात कर दी जाए। फिर जिस तरह से पुराने रेलवे पुल से वाहनों को पास कराया जाता था, उसी तरह से वाहनों का आवागमन सुनिश्चित कराया जाए। इधर अतरिया रेलवे फाटक पर वाहनों को रोककर एक लाइन से एक साथ में 15-20 वाहनों को पास करा दिया जाए। उसके बाद शारदा पुल की तरफ से एक लाइन से 15-20 वाहनों को पास करा दिया जाए। ऐसा करने से वाहनों का जाम भी नहीं लगेगा और लोगों को निकलने में परेशानियां भी नहीं होंगी। स्थिति को देखकर ऐसा लगता नहीं है कि बाढ़ की समस्या जल्द समाप्त होगी। ऐसे में यदि वाहनों का आवागमन बन्द रहेगा तो समस्या कम होने की वजाए और बढ़ेगी। इसलिए प्रशासन को इस मार्ग पर वाहनों का संचालन कराने के लिए व्यवस्था करनी ही चाहिए।





