जलौनी लकड़ी व घास-फूस लाने पर वन विभाग द्वारा प्रतिबन्ध लगाने से भड़के थारू जनजाति के ग्रामीण
- जंगल में धरने पर बैठे सैकड़ों महिला-पुरूषों ने जताया आक्रोश, मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

जलौनी लकड़ी व घास-फूस लाने पर वन विभाग द्वारा प्रतिबन्ध लगाने से भड़के थारू जनजाति के ग्रामीण
– जंगल में धरने पर बैठे सैकड़ों महिला-पुरूषों ने जताया आक्रोश, मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

पलियाकलां-खीरी। तहसील क्षेत्र के थाना जनजाति के तमाम ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ जंगल में धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही पुलिस, एसएसबी, वन विभाग व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
बता दें वनाधिकारी कानून के तहत थारू जनजाति के लोगों को जंगल से जलौनी लकड़ी एवं घास-फूस लाने का अधिकार प्राप्त है। लम्बे समय से वह जंगल से घास-फूस लाकर अपने घर बनाते चले आ रहे हैं। अब वन विभाग ने उनके यह अधिकार छीनने का प्रयास शुरू कर दिया है। जंगल से जलौनी लकड़ी व घास-फूस लाने से वन विभाग द्वारा थारू जनजाति के लोगों को रोका जा रहा है। इससे गुस्साए कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण बनकटी रेंज के जंगल में तमाम बैलगाड़ियों के साथ धरने पर बैठ गए। सभी वन विभाग के विरूद्ध नारेबाजी करके रोष प्रकट करने लगे। मामले की जानकारी होते ही तमाम मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा गौरीफंटा पुलिस, चंदनचौकी पुलिस, पलिया सीओ व एसएसबी सहित वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका था। अब देखना यह है कि थारू जनजाति के लोगों को उनका अधिकारी दिया जाता है या फिर न विभाग की तानाशाही ग्रामीणों पर भारी पड़ती है।






