वन बीट हॉस्पिटल से निःशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर जा रहे मरीज ने कहा “खुदा को नहीं पर उसके फरिस्ते के रूप में सरदार बहादुर सिंह को मैंने देखा है”
निःशुल्क सेवा के माध्यम से उत्तर प्रदेश का अग्रणी बना वन बीट चैरिटेबल अस्पताल




खुदा को नहीं पर फरिस्ते को मैंने देखा है…
निःशुल्क चिकित्सा सेवा में अग्रणी साबित हो रहा वन बीट चैरिटेबल हॉस्पिटल
-हजारों ऑपरेशन, पैथलॉजी जाँच, चिकित्सकीय परीक्षण,दवाइयों, ब्लड बैंक, चश्में, मेडिकल कैम्पों व लंगरों के माध्यम से समाज को दे रहे निस्वार्थ सेवा का संदेश
लखनऊ/लखीमपुर।(एस.पी.तिवारी/मुकेश दत्त शर्मा) खुदा को नहीं पर फरिस्ते को मैंने देखा है … उक्त उद्गार वन बीट चैरिटेबल अस्पताल भीरा से निशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर वापस अपने घर जा रहे एक मरीज ने व्यक्त करते हुए बताया कि तमाम जगहों पर इलाज करवाने के बाद लुटपिट कर वह अपने जीवन से निराश हो गया था, तभी उसे किसी ने वन बीट चिकित्सालय के बारे में बताया यहां आने पर अस्पताल के कुशल चिकित्सकों में शुमार डॉ0 कुश जुनेजा ने यूरोलॉजी विभाग के लिये रेफर किया जहां लखनऊ के जाने माने सर्जन डॉ0 संतोष कुमार एवं डॉ0 प्रशांत सक्सैना की टीम ने मरीज के गुर्दे व पेशाब की लंबी बीमारी की पैथलॉजिकल जांचों के पश्चात शल्य क्रिया के माध्यम से मरीज को बीमारी से मुक्ति दिलवाई और इलाज के दौरान मरीज को भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक की यह सारी प्रक्रिया पूर्णतयः निःशुल्क रही। यह तो मात्र एक उदाहरण है वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 600 मरीजों की ओपीडी में डॉ0 सौरभ, डॉ0 अंजना वर्मा स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ0 संतोष कुमार सर्जन, डॉ0 प्रशांत सक्सेना सर्जन, डॉ0 सुखविंदर सिंह टूरना लेप्रोस्कोपिक सर्जन आदि लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक उच्चकोटि के चिकित्सकों व कुशल पैरामेडिकल सहयोगियों के साथ समस्त इलाज निःशुल्क किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों से जनरल सर्जरी, आंखों के ऑपरेशन, चश्में इत्यादि व्यवस्थायें अस्पताल के संस्थापक सरदार बहादुर सिंह द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करवायी जा रही है।
निःशुल्क सेवा के साथ उच्चकोटि की चिकित्सकीय सुविधाओं से युक्त, पूर्ण स्वच्छ परिसर वाला लखनऊ मण्डल सहित तराई क्षेत्र के एकमात्र निःशुल्क चिकित्सा सेवा संस्थान के रूप में ख्यातिप्राप्त वन बीट दशमेश चैरिटेबल हॉस्पिटल एवं पैरा मेडिकल कालेज की स्थापना वर्ष 2012 में क्षेत्रीय लोगों की निःशुल्क चिकित्सकीय सहायता हेतु अप्रवासी भारतीय कुशल व्यवसायी सरदार बहादुर सिंह ने उत्तर प्रदेश के जनपद खीरी के एक छोटे से गाँव भीरा में की गयी थी।
आज उत्तर प्रदेश के साथ साथ सम्पूर्ण भारत में अपनी उत्कृठ गुणवत्ता पूर्ण निःशुल्क सेवा के लिये जाना जाने वाले वन बीट हॉस्पिटल के संस्थापक सरदार बहादुर सिंह इसी भीरा गांव में एक साधारण किसान परिवार में जन्म लिया। अपनी माता हरवंश कौर-पिता साधू सिंह के दो बेटों व पाँच बेटियों के मध्य चौथे नम्बर के पुत्र बहादुर सिंह ने अपने माता पिता की प्रेरणा एवं गुरु महाराज की कृपा से मानव सेवा के मूल्यों को सर्वोपरि मानते हुये वर्ष 2012 में साधारण नेत्र चिकित्सा शिविरों के माध्यम से अपनी यात्रा का शुभारंभ कर 150 बिस्तरों वाले(बहु गुणवत्ता) मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, पैरामेडिकल संस्थान, ब्लड बैंक के अलावा जनसामान्य को विभिन्न चिकित्सकीय सुविधाओं का निःशुल्क आरम्भ किया गया जो लगभग पूर्ण हो चुका है।






