शिव विवाह की कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
विजौरिया गांव में चल रही रामकथा के दूसरे दिन श्रोताओं की रही भारी भीड़

शिव विवाह की कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
विजौरिया गांव में चल रही रामकथा के दूसरे दिन श्रोताओं की रही भारी भीड़

गोलागोकर्णनाथ-खीरी। श्रीराम कथा अमृत वर्षा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित सुनील कुमार मिश्रा ने ग्राम सेमरई में श्रोताओं को शंकर विवाह की कथा का श्रवण कराया। इस अवसर पर कथा व्यास ने बताया कि भगवान शंकर का विवाह पार्वती जी के साथ में तय हुआ। इसके पश्चात शंकर जी जब अपनी बारात को लेकर पार्वती के दरवाजे पर पहुंचे, तब उसमें भूत, पिशाच आदि को बारात में देखकर वहां के नरनारी व्याकुल हो उठे। भोलेनाथ का निराला रूप देखकर लोग आपस मे कानाफूंसी करने लगे। इसके पश्चात भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ। शंकर जी के विवाह की बड़ी ही सुंदर चर्चा का व्याख्यान किया गया। शंकर जी की ऐसी भूत प्रेतों की बारात देख कर पार्वती की माँ मैना भी डर गईं। उन्होंने बारात देख कर विवाह करने से मना करते हुए कहा कि मैं अपनी बेटी का जीवन बर्बाद नहीं करूंगी। सुन्दर वर्णन सुनकर श्रोतागण भाव-विभोर हो उठे।








