पैड बैंक की स्थापना कर किशोरिओं मे स्वास्थ्य सुरक्षा का उपाय बता रही शिक्षिका
सोच बनेगी मिशाल किशोरिओं के बीच मशहूर होती राखी गंगवार

किशोरिओं को स्वास्थ्य का मंत्र बता रही शिक्षिका ने पेश किया मिशाल, पैड बैंक की स्थापना और स्वास्थ्य जागरण की नयी शुरुवात
प्रयागराज, कहते हैं की नयी शुरुवात ऐसे ही कहीं से प्रारम्भ होती है और एक नयी इबारत लिख डालती है। ऐसी ही यूपी के बरेली की एक शिक्षिका राखी गंगवार ने युवा होती किशोरियों को माहवारी के दौरान होने वाली समस्यायों और निदान के बारे मे बताती है। वहीं माहवारी के दिनों मे पैड के इस्तेमाल का तरीका और उससे होने वाली सहूलियत के सन्दर्भ मे भी जागरूक कर रही है। पैड बैंक की स्थापना भी उसी उद्देश्य के लिए किया है क्यू की आज भी गरीब परिवार की बच्चिओं को पैड नही मिल पाता जिसके चलते उन्हे कभी कभी गंभीर बीमारिओ का सामना करना पड़ जाता है। बरेली जनपद के भदपुर ब्लाक के बौरैया प्राथमिक स्कूल भी तैनात शिक्षिका राखी गंगवार ने इस संदर्भ मे किशोरिओं को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए राखी ने पैड बैंक की स्थापना किया और जन जागरण के दौरान एकत्र हुयी बच्चिओं मे इसका वितरण अपने संसाधनों से करवाती है

राखी गंगवार ने बताया की शुरुवात मे जब इस संदर्भ मे एक कार्यशाला का आयोजन किया तो उन्हे पता चला की आर्थिक तंगी के चलते कई किशोरिओं को मासिक धर्म के दौरान कपड़ा इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे उन्हे गंभीर बीमारिओं का खतरा बना रहता है। इसी के चलते उन्होंने पैड बैंक की स्थापना किया ताकि ऐसे वर्ग की वर्ग की किशोरिओ को पैड उपलब्ध कराया जा सके।
फिलहाल राखी गंगवार की सोच को सलाम है की ऐसे गंभीर विषय पर सार्थक सोच के साथ इसकी शुरुवात किया। आज ग्रामीण परिवेश मे हजारों बच्चियां है जिन्हे इस बारे मे जागरूक करने की जरूरत है। राखी बताती है की इस विषय पर महिलाओं के साथ पुरुष वर्ग को भी जागरूक होने की जरूरत है ताकि मासूमों को संसाधन उपलब्ध कराये जा सके। सरकार को भी इस तरह की व्यवस्था के बारे स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कार्यशाला और जनजागरण अभियान चलाकर बच्चिओं को जागरूक करने के साथ उन्हे पैड उपलब्ध कराने की योजना पर ध्यान देने की जरूरत है।





