वायवा एग्जाम के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलने से आक्रोशित परीक्षार्थियों ने काटा हंगामा
भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगदेवपुर स्थित मनमीत नगर महाविद्यालय में प्रति परीक्षार्थी से जमा कराए गए 11 सौ रूपये, परीक्षार्थियों का आरोप था कि एग्जामनर को देने के नाम पर जमा कराया गया अतिरिक्त शुल्क

वायवा एग्जाम के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलने से आक्रोशित परीक्षार्थियों ने काटा हंगामा
– भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगदेवपुर स्थित मनमीत नगर महाविद्यालय में प्रति परीक्षार्थी से जमा कराए गए 11 सौ रूपये, परीक्षार्थियों का आरोप था कि एग्जामनर को देने के नाम पर जमा कराया गया अतिरिक्त शुल्क

(निर्जेश मिश्र)
लखीमपुर-खीरी (सावधान इण्डिया न्यूज)। शिक्षा विभाग में लगा भ्रष्टाचार का घुन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन छात्रों के साथ हो रही लूट के कारण गरीब तबके का छात्र शिक्षा से वंचित रह जाता है। उच्चाधिकारियों से लेकर सरकार तक से शिकायतें की जाती हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के कुछ भ्रष्ट शिक्षकों एवं कर्मचारी/अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसा ही एक ताजा मामला जिले के थाना भीरा क्षेत्र के ग्राम जगदेवपुर में स्थित मनमीतनगर महाविद्यालय का प्रकाश में आया है। जहां वायवा एग्जाम के लिए अतिरिक्त शुल्क जमा कराने से आक्रोशित परीक्षार्थियों ने महाविद्यालय में जमकर हंगामा काटा।
बता दें कि एक ओर जहां प्रदेश और केन्द्र सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नित नए कदम उठा रही हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के कुछ भ्रष्ट शिक्षक एवं अधिकारी/कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण शनिवार को जगदेवपुर स्थित मनमीत नगर महाविद्यालय में देखने को मिला। दरअसल महाविद्यालय में इस समय एलएलबी छात्रों के एग्जाम चल रहे हैं। शनिवार को एलएलबी थर्ड सेमेस्टर वायवा की परीक्षा थी। परीक्षार्थी समय से महाविद्यालय पहुंच गए। परीक्षा शुरू हो पाती इससे पहले ही अचानक महाविद्यालय में हंगामा शुरू हो गया, जिन्दाबाद और मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे। देखते ही देखते महाविद्यालय में भीड़ लगनी शुरू हो गई, तमाम मीडियाकर्मी मौके पर पहुंच गए। हंगामा काट रहे परीक्षार्थियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि आज उन लोगों का एलएलबी थर्ड सेमेस्टर वायवा का पेपर था। जब वह लोग महाविद्यालय पहुंचे तो उन लोगों के क्लास टीचर विश्वमोहन मिश्रा ने बताया कि आप सभी लोग 11-11 सौ रूपये का शुल्क जमा करो, तभी एग्जाम संभव हो सकेगा। जब परीक्षार्थियों ने अतिरिक्त शुल्क जमा करने का कारण जानने का प्रयास किया तो प्राचार्य और क्लास टीचर ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। परीक्षार्थियों का आरोप था कि जिन परीक्षार्थियों ने अतिरिक्त शुल्क जमा नहीं किया, उन लोगों के एग्जाम लेने से मना कर दिया गया। इससे आक्रोशित परीक्षार्थियों ने महाविद्यालय में हंगामा काटना शुरू कर दिया। कुल 130 परीक्षार्थी थे, जिनमें से लगभग सौ परीक्षार्थियों से 11-11 सौ रूपये का शुल्क वसूला गया। परीक्षार्थियों का कहना था कि यह शुल्क उन लोगों से एग्जामनर को देने के लिए वसूल किया गया है। फिलहाल हंगामा काटने और मीडियाकर्मियों के पहुंचने के बाद शुल्क न जमा करने वाले परीक्षार्थियों को एग्जाम देने का अवसर प्राप्त हो सका।
क्या कहते हैं जिम्मेदार-
मुझे इस सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं है। मैं तो प्रचार्य के इशारे पर काम करता हूं, वही पूरे मामले की जानकारी दे सकते हैं।
विश्वमोहन मिश्रा ‘‘क्लाश टीचर’’
कुछ छात्रों की फीस जमा नहीं हो पाई थी, उन्हीं लोगों की फीस जमा की गई है। इसकी कोई रसीद मेरे पास नहीं है और न ही मैं कोई जवाब दे सकता हूं।
डॉ. शैलेन्द्र सिंह ‘‘प्राचार्य’’








