विश्व हिन्दू परिषद के 60वें स्थापना दिवस पर तिकुनियां में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न..संगठन मंत्री ने किया अंतराष्ट्रीय सीमावर्ती सनातनी जनमानस के सशक्तिकरण का किया आह्वान
सनातन एकता ही विधर्मियों से मुकाबले का एकमात्र विकल्प : संपूर्णानंद

लखीमपुर-खीरी। भारतीय संस्कृति अनादि काल से विश्व बंधुत्व की भावना को लेकर “सर्वे भवंतु सुखिनः” की उद्धार विचारधारा को जन-जन में प्रतिष्ठित करने का कार्य करते रही है, इसी कारण प्राचीन काल से ही भारत के प्रति विश्व समुदाय का आदर और श्रद्धा का भाव रहा है उक्त उद्गार विश्व हिंदू परिषद के 60वें स्थापना दिवस पर लखीमपुर खीरी के तिकुनियां में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान विहिप अवध प्रान्त जनपद खीरी के संगठन मंत्री सम्पूर्णानन्द ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
उन्होंने सनातन पर किये गये कुठाराघातों के दर्द को साझा करते हुये कहा कि हिंदू समाज समरस एवं समृद्ध था,मुस्लिम आक्रांताओं के आगमन के बाद हिंदू समाज की एकता व अखंडता को तार-तार कर उसे जातिवादी, क्षेत्रवादी, भाषावादी व मत-पंथ-संप्रदाय वादी विभेदों में बांट कर पहले मुगलों ने और फिर अंग्रेजो ने भारत पर शासन किया।
विपत्ति चाहे अनगिनत आईं, किंतु यहां के हिंदू समाज में न तो ज्ञान की, न वीरता व पौरुष की, न धैर्य की और न धर्म की कभी न्यूनता हुई। हिंदू समाज ने विधर्मियों के विरुद्ध वीरता का परिचय दिया, फिर भी कुछ जयचन्दों के कारण आक्रांताओं के दमन से अपने आपको नहीं बचा पाये एवं सैकड़ों वर्ष तक पराधीनता का दंश झेलते रहे।
करोड़ों हिंदुओं के हृदयस्थ सनातन धर्म के रक्षक के रूप में विख्यात विश्वव्यापी संगठन विश्व हिंदू परिषद की स्थापना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन मुंबई में 1964 ईस्वी में हिन्दू समाज के प्रेरणा श्रोत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव राव सदाशिव राव गोलवलकर उर्फ श्री गुरुजी के द्वारा हुई।वर्तमान में विहिप का काम भारत के सभी प्रांतों के साथ साथ विश्वव्यापक रूप में 50 से अधिक देशों सतत प्रगतिशील है।
राम मंदिर आंदोलन की सफलता के बाद विहिप ने देश में गो हत्या पर प्रतिबंध, मतांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाते हुये देश के सभी प्रखंडों में सेवा केंद्र शुरू करने और सभी पंचायतों में समिति गठित करने का सफल प्रयास किया है। सामाजिक जागरूकता के माध्यम से विहिप ने अब तक लाखों हिंदुओं को मतांतरित होने से बचाया, वहीं नौ लाख से अधिक लोगों की घर वापसी कराने में सफल रहा।
कार्यक्रम के दौरान परिषद,बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ नगर के प्रबुद्ध सनातनी बन्धु उपस्थित रहे।












