उपभोक्ताओं की जेब पर खुलेआम डाका डाल रहीं नेटवर्क कम्पनियाँ, उपभोक्ता परेशान
तीन दिनों से खराब चल रहे एयरटेल नेट की स्पीड जीरो, बीएसएनएल नेट में भी नहीं है स्पीड, वोडा (वीआई) की भी स्थिति खराब

उपभोक्ताओं की जेब पर खुलेआम डाका डाल रहीं नेटवर्क कम्पनियाँ, उपभोक्ता परेशान
– तीन दिनों से खराब चल रहे एयरटेल नेट की स्पीड जीरो, बीएसएनएल नेट में भी नहीं है स्पीड, वोडा (वीआई) की भी स्थिति खराब
– 5जी का पैसा वसूलने वाले जिओ में नहीं मिल पा रही स्पीड, 30 और 31 दिन के महीने में 28 दिनों की मिल रही वैधता

(निर्जेश मिश्र ‘‘सम्पादक’’)
लखीमपुर-खीरी। नेटवर्क कम्पनियां उपभोक्ताओं की जेब पर खुलेआम डाका डाल रही हैं। महीने में 15 या 20 दिन ही नेट की स्पीड अच्छी मिल पाती है। वाकी के दिनों में नेट स्पीड को लेकर उपभोक्ताओं को हमेशा रोना पड़ता है।
एयरटेल पिछले तीन दिनों से सिर्फ जीरो स्पीड ही दे रहा है। जिस कारण उपभोक्ताओं के आवश्यक कार्य नहीं हो पा रहे हैं। बीएसएनएल की तो स्थिति हमेशा खराब ही रहती है। कहीं नेटवर्क गायब तो कहीं नेट की स्पीड जीरो। एक महीने का नेट रिचार्ज कराने के बाद मुश्किल से 15 दिन ही नेटवर्क रहता हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की मेहनत की कमाई पर पूरी तरह से पानी फिर जाता है। अब बात करते हैं वोडा (वीआई) की, तो इसकी भी स्थिति कोई अच्छी नहीं है। कछुआ गति से 4जी स्पीड चलते-चलते 3जी हो जाती है। कुछ ही समय मे 2जी स्पीड पर पहुंच जाता है। वोडा से भी उपभोक्ता काफी परेशान हो चुके हैं। अब बात करते हैं जिओ की, इसकी भी हालत काफी बदतर हो चुकी है। शुरूआत में उपभोक्ताओं को लॉलीपॉप देकर अपना नेटवर्क पूरी तरह से बिछाने में जिओ ने बहुत अच्छी सफलता हासिल कर ली। 5जी का पैसा वसूलने वाली जिओ कम्पनी भी अब उपभोक्ताओं को लूटने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। 5जी का रिचार्ज कभी-कभी 3जी स्पीड भी नहीं देता। सबसे मजेदार बात तो यह है कि हर विभाग, हर संस्थान और हर त्यौहारों में 30 और 31 दिन का महीना होता है। परन्तु नेटवर्क कम्पनियों के महीने की गणना पता नहीं कहां से हुई, जो यह 28 दिन का ही होता है। इसके अलावा उपभोक्ता यदि किसी भी कम्पनी का सिम खरीदता है तो उसको यह बताकर सिम बेंचा जाता है कि यह सिम लाइफ टाइम है। अब सोचने की बात यह है कि जब वैधता लाइफ टाइम है तो फिर हर महीने सिम पर वैलिडिटी क्यों करानी पड़ती है ? यदि कोई भी उपभोक्ता सौ रूपये का रिचार्ज कराता है तो वह बात नहीं कर सकता। इसके लिए उसे सौ रूपये रिचार्ज के अतिरिक्त वैलिडिटी भी अलग से करानी पड़ती है, तब कहीं जाकर उसे हैलो बोलने की अनुमति मिलती है। पलिया नगर के निर्जेश मिश्र बताते हैं कि मैं वोडा (वीआई), बीएसएनएल, एयरटेल और जिओ, चारों कम्पनियों के सिम चलाता हूं। परन्तु सभी की स्थिति एक जैसी ही है। कुल मिलाकर यह सभी चारों नेटवर्क कम्पनियां उपभोक्ताओं को केवल लूटने का काम करती हैं। इन कम्पनियों की पॉलिसी से उपभोक्ता काफी परेशान हो चुके हैं। हर महीने उपभोक्ताओं की मेहनत की कमाई पर पानी फिर जाता है। इसको लेकर उपभोक्ताओं में खासा रोष व्याप्त है।








