अभिषेक करैं तट पे जन जो, तिन मुक्ति मिलै सुप्रभाव कृती को…
माधोटाण्डा स्थित गोमती उद्गमस्थल पर हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन

अभिषेक करैं तट पे जन जो, तिन मुक्ति मिलै सुप्रभाव कृती को…
– माधोटाण्डा स्थित गोमती उद्गमस्थल पर हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन
– देर रात तक गूंजीं तालियां, कवियों का हुआ सम्मान


माधोटांडा-पीलीभीत। आदि गंगा मां गोमती के पवित्र उद्गम तीर्थ पर मां गोमती महोत्सव के छठे दिन आयोजित कवि सम्मेलन पूरी तरह सफल रहा। युवा, ज्येष्ठ और श्रेष्ठ कवि व शायरों की मनहारी रचनाओं ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजक मंडल द्वारा कवि व शायरों को सम्मानित किया गया। देर रात तक सुधी श्रोताओं की तालियों से उद्गम तीर्थ गूंजायमान रहा। गोमती माता के जयकारे भरे स्वर भी लोगों में भक्ति भाव का संचार करते रहे। गोमती उद्गम तीर्थ पर जल के अभाव में अविरल धारा भले न बह पा रही हो, परंतु काव्य रस धारा के प्रवाह में गुरुवार की शाम कोई रुकावट नहीं आई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, मां गोमती व भगवान श्रीराम के पूजन और डाक्टर नीरांजना शर्मा की वाणी वंदन के साथ हुआ। कवि सम्मेलन में पंडित राम अवतार शर्मा ने मां गोमती की शान में पढ़ा-
“जग पावन है, मन भावन है, अति शोभन धाम है धेनुमती को। मुनि सिद्ध तपोधन के तप को फल पूरन काम है सत्यव्रती को। जल है शुचि पाप नसावन हेतु बनो यश केतु है पुण्य यती को। अभिषेक करैं तट पै जन जो तिन मुक्ति मिलै सुप्रभाव कृती को”।

युवा कवि स्वाभिमान सिंह ने “राह तुम्हारी देख रही है, निशिदिन कुसुम बिछाती है। त्रेतायुग में शबरी देखो, रघुवर तुम्हें बुलाती है”।
हास्य कवि राजेंद्र अवस्थी किंकर ने “घोटाले कैसे होते है सीख लेता बुजुर्गो से, मुझे भगवन नही तब आपसे कोई गिला होता”
हास्य कवि उमेश त्रिगुणायत “अदभुत” ने मां गोमती की शान में कुछ यूं पढ़ा– “पतित को तारने को बस सहारा गोमती का है। बड़ा पावन बड़ा मनहर किनारा गोमती का है। मिला इस पुण्य भू पर जन्म मैं सौभाग्यशाली हूँ, सभी यह कह रहे अद्भुत दुलारा गोमती का है”
बीसलपुर से पधारे युवा कवि प्रियांशु त्रिपाठी ने “ठहरा तराई में है जो आराम से जनपद, मशहूर है जो गोमती के धाम से जनपद, मन से वचन से कर्म से बस हूं उसी का मैं, मशहूर है जो बांसुरी के नाम से जनपद” का काव्यपाठ करके वाहवाही लूटी।
शायर सुलतान जहां ने “मेरे मुंसिफ मेरे रहबर तू अब तो फैसला कर दे। क़िताब ए बा वफ़ा दे दे या साबित बेवफ़ा कर दे”। सुनाकर श्रोताओं के दिलों को जीत लिया।
कार्यक्रम के संयोजक व संचालक सतीश मिश्र “अचूक” ने “गमगीन गोमती माई है। उद्गम पर गम दुखदाई है” सुनाकर मां गोमती की दुर्दशा बयां की।
अतिथि कवि संजय पांडेय गौहर ने अपना मनहर गीत “आकर तो देखिएगा एक बार गोमती पर, आना पड़ेगा फिर तो हर बार गोमती पर”। गाकर तालियां बटोरीं।
युवा कवि कुलदीप “कल्प” ने “जाने कितने लोगों की प्यास को बुझाया है, गोमती ने उद्गम पर अब हमें बुलाया है” सुनाकर लोगों को मन्त्रमुग्ध कर दिया।
डाक्टर निरंजना शर्मा ने “तुम मुझे सौंप दो अपनी नाराजगी, फिर तुम्हें दे सकूं मैं खुशामद सभी” सुनाकर सभी का दिल जीत लिया। अविनाश मिश्रा “एडवोकेट” के ओजमय काव्यपाठ ने सभी को प्रभावित किया तो देव शर्मा विचित्र की हास्य रचनाओं ने गुदगुदाया। सुप्रसिद्ध गजलकार अमिताभ मिश्रा की गजलें व शेरो शायरी पर खूब तालियां गूंजी। सम्मेलन में विकास आर्य स्वप्न, डॉक्टर निरांजना शर्मा, प्रदीप मिश्रा व अरुण भारद्वाज “एडवोकेट” सहित सभी कवियों ने सुंदर काव्य पाठ किया। कार्यक्रम आयोजक कलीनगर एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने सभी कवियों व श्रोताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन गोमती मैया का था, इसीलिए इतना अधिक भव्य एवं दिव्य हुआ है। उन्होंने सभी कवियों की काव्य रचनाओं की भी भूरि-भूरि सराहना की। नायब तहसीलदार अक्षय यादव ने सभी को आभार ज्ञापित किया। मुख्य अतिथि सीएमओ डॉक्टर आलोक शर्मा व एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने सभी कवि व शायरों को सम्मानित किया। स्वागताध्यक्ष पूर्व प्रधान राममूर्ति सिंह के साथ कुंवर निर्भय सिंह, लेखपाल देवेश कुमार व गजेंद्र यादव आदि ने सभी कवियों का स्वागत किया और व्यवस्था में निरन्तर अपना बहुमूल्य समय देते रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम में भाजपा नेता आशुतोष दीक्षित “राजू”, अचलेंद्र मिश्र, महंत बाबा राघव दास, पंडित अनिल शास्त्री, अशोक खंडेलवाल, पत्रकार नवीन अग्रवाल, सुशील सीतापुरी, हर्ष गुप्ता, हिंदू युवा वाहिनी के अनुराग अवस्थी, मोहित, ठाकुर अजय सिंह, निरंकार पांडेय, राकेश मिश्र, सुमित सहाय, रोहित मिश्र, रविंद्र कुमार “नंद”, प्रधानाचार्य कमल मोहन पांडेय, विपिन मिश्रा, शिवम, शक्ति सिंह, राम औतार सिंह, गोविंदा व हर्षित सहित सैकड़ों लोग करतल ध्वनि के माध्यम से कवियों का स्वागत एवं उत्साहवर्धन करते रहे।






