छोडि गुंडइ देउ बहादुर वरना परिहइ भारी, योगी बाबा का बुलडोजर खड़ा रहेइ सत्तारी
- करनपुर के ऐतिहासिक मेले में आयोजित विराट कवि सम्मेलन में कवियों ने लूटी वाहवाही

छोडि गुंडइ देउ बहादुर वरना परिहइ भारी, योगी बाबा का बुलडोजर खड़ा रहेइ सत्तारी
– करनपुर के ऐतिहासिक मेले में आयोजित विराट कवि सम्मेलन में कवियों ने लूटी वाहवाही

गोलागोकर्णनाथनाथ-खीरी। करनपुर के ऐतिहासिक मेला में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पहुंचे दूर-दूर के कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य आयोजक कवि गिरिजाशंकर कश्यप के संचालन में मां सरस्वती का पूजन कर किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेशचंद्र कनौजिया रहे। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक रामसरन ने समस्त कवियों को फूल-माला व शाल ओढ़ाकर स्वागत किया।
गोला के श्रृंगार कवि कन्हैयालाल ने
‘‘तन से सेवा कीजिए ,मन से भजिए राम, दान धर्म कुछ कीजिए, मिल जाए भगवान’’ प्रस्तुत किया। मिथिलेश शुक्ला विदेह ने
‘‘प्यार जब से मिला है मुझे आपका, तब से जीवन मेरा मुस्कराने लगा, आपकी चाहतों का मैं फानूस पा, दिल में उल्फत के दीपक जलाने लगा’’ सुनाते हुए खूब तालियां बटोरीं।
लखीमपुर से पधारे कवि इंद्रपाल वर्मा ने
‘‘छोडि गुंडइ देउ बहादुर वरना परिहइ भारी, योगी बाबा का बुलडोजर खड़ा रहेइ सत्तारी। बुलडोजर से बचि ना पाए दुबे और अंसारी, ना बच पाई लाला ठाकुर चाहे हुए तिवारी सुनाकर जमकर वाहवाही लूटी।
कमल पांडे ने
‘‘हम राम के हैं, हम नबी के हैं, हम कवि हैं, हम सभी के हैं’’ सुनाया
रजनीश अवस्थी करनपुर ने
‘‘क्या बताएं आपको हम हाथ मलते रह गए, गीत लिखे थे जो रेत पर बाद में वह बह गए’’ प्रस्तुत किय।
अमित कैथवाल मितौली ने अपनी रचनाओं को श्रोताओं के समक्ष जैसे ही रखा तालिया बजना शुरू हो गई।
‘‘हमारे जिस्म का हिस्सा कोई भी काट कर देखो, हमारे जिस्म की नस-नस में हिंदुस्तान बसता है’’
कवि सम्मेलन के आयोजक व संचालक गिरजाशंकर कश्यप अल्पन कवि निवासी करनपुर ने अपनी रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया
‘‘राम नाम ऐसी खबर है, इधर चल गइ है, उधर चल गई है! मत पूछो किधर चल गई ह’’
हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंच कर कार्यक्रम का आनन्द लिया, महिलाओं व बच्चों को आकर्षित करती तरह-तरह दुकानों व झूले मेले को और भी भव्यता प्रदान करते हैं।यह मेला क्षेत्र में अपनी अनोखी पहचान बनाये हुए है।






